सुंदरनगर में नर्सिंग छात्रा की संदिग्ध मौत पर परिजनों ने एसपी ऑफिस का घेराव किया, धरना प्रदर्शन और नारेबाजी
“सुंदरनगर में नर्सिंग छात्रा की संदिग्ध मौत पर परिजनों का पुलिस पर आरोप, एसपी ऑफिस का घेराव और उग्र प्रदर्शन“
सुंदरनगर में बीती 23 अक्टूबर को नर्सिंग छात्रा अंजना की संदिग्ध मौत के मामले में परिजनों ने पुलिस की कार्यवाही पर सवाल उठाते हुए आज एसपी ऑफिस का घेराव किया और धरना प्रदर्शन किया। गुस्साए परिजनों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आरोप लगाया कि उनकी बेटी की मौत आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या है।
मौके पर मौजूद एएसपी मंडी सागर चंद्र, डीएसपी मंडी और अन्य पुलिस अधिकारी गुस्साए परिजनों को शांत कराते हुए नजर आए। इस दौरान परिजनों ने एसपी ऑफिस में घुसने का भी प्रयास किया। इससे पहले, परिजनों ने मंडी शहर में एक आक्रोश रैली निकाली और पुलिस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
अंजना के पिता भगत राम ने कहा कि जब वे अपनी बेटी को अस्पताल लेकर गए, तो उन्हें सिर पर चोटें मिलीं, जबकि पुलिस ने बताया था कि उनकी बेटी चौथी मंजिल से गिरी थी। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर वह चौथी मंजिल से गिरी, तो सिर पर चोटों के अलावा शरीर के अन्य हिस्सों में चोट क्यों नहीं आई? इसके अलावा, हॉस्टल के सीसीटीवी कैमरे भी कथित तौर पर खराब बताए जा रहे हैं, जिससे मामले में और संदेह उत्पन्न हुआ है।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस इस मामले के तथ्यों को दबाने की कोशिश कर रही है। बलदेव ठाकुर, एक अन्य परिजन, ने कहा कि शिकायत करने के बावजूद पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है और एफआइआर दर्ज करवाने के लिए उन्हें सड़कों पर उतरने को मजबूर होना पड़ा।
पुलिस ने कहा कि घटना स्थल से कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं, जबकि हॉस्टल में मौजूद अन्य छात्राओं के बयान अलग-अलग हैं। इस मामले में परिजनों ने जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार से न्याय की मांग की है और चेतावनी दी है कि अगर जल्द न्याय नहीं मिलता, तो वे उग्र प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
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