मणिपुर – जिरीबाम में मुठभेड़ के दौरान 11 उग्रवादियों ढेर, एक जवान घायल
“मणिपुर में शांति बहाल करने के लिए सुरक्षा बलों ने चलाए तलाशी अभियान, भारी मात्रा में हथियार जब्त“
मणिपुर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव सिंह ने मणिपुर में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने की अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की है। उन्होंने इसे चुनौतीपूर्ण समय बताते हुए कहा कि सुरक्षा बल इसे सर्वोत्तम संभव तरीके से नियंत्रित करने के लिए काम कर रहे हैं।
इसके पहले, मणिपुर के पहाड़ी और घाटी क्षेत्रों में पिछले तीन दिनों में तलाशी अभियान चलाए गए, जिसमें सुरक्षा बलों ने बड़ी संख्या में हथियार, गोला-बारूद और अन्य युद्ध सामग्री जब्त की। असम राइफल्स ने सोमवार को बताया कि शनिवार को मणिपुर पुलिस और असम राइफल्स की संयुक्त टीम ने चुराचांदपुर जिले के एल खोनोमफाई गांव के पास जंगल में एक अभियान के दौरान .303 राइफल, दो 9 मिमी पिस्टल, छह 12 सिंगल बैरल राइफल, एक .22 राइफल, गोला-बारूद और अन्य सामग्री बरामद की।
इसी तरह, कांगपोकपी जिले के एस चौंगौबंग और माओहिंग के बीच एक अन्य अभियान में 5.56 मिमी इंसास राइफल, एक .303 राइफल, दो एसबीबीएल बंदूकें, दो .22 पिस्टल, दो इम्प्रोवाइज्ड प्रोजेक्टाइल लॉन्चर, ग्रेनेड और गोला-बारूद जब्त किए गए। इसके अलावा, रविवार को काकचिंग जिले के उटांगपोकपी क्षेत्र में एक खुफिया अभियान के दौरान भी एक .22 राइफल, गोला-बारूद और अन्य युद्ध सामग्री पकड़ी गई।
इन अभियानों का उद्देश्य राज्य में जातीय हिंसा के बीच असमाजिक तत्वों को रोकना और शांति बहाल करना है। मणिपुर में पिछले साल मई से शुरू हुए जातीय संघर्ष में 200 से अधिक लोग मारे गए और हजारों लोग घरों से बेघर हो गए है
