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मंडी – छात्राओं से छेड़खानी का आरोपी शिक्षक मौके से फरार

प्रदेश के स्कूलों में छात्राओं के साथ छेड़छाड़ के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, जिसके चलते शिक्षा विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपियों को सस्पेंड भी किया है। लेकिन बावजूद भी शिक्षा के मंदिरों में भी यदि छात्राएं सुरक्षित नहीं रह पाएंगी, तो फिर और कहां?”

प्रदेश में शिक्षा के मंदिर यानी स्कूलों में छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं, जो न केवल समाज के लिए शर्मनाक हैं, बल्कि यह हमारे शिक्षा संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती हैं। हाल ही में कुछ स्कूलों में छात्राओं के साथ हुए छेड़छाड़ के मामलों के बाद शिक्षा विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षकों और कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है।

लेकिन सवाल यह उठता है कि जब स्कूल जैसी सुरक्षित माने जाने वाली जगह पर भी छात्राएं सुरक्षित नहीं हैं, तो फिर उन्हें सुरक्षा कहां मिलेगी? यह घटना शिक्षा के लिए समर्पित इन संस्थानों में सुरक्षा और सम्मान की आवश्यकता को उजागर करती है।

विभागीय अधिकारी इस बात पर जोर दे रहे हैं कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्कूलों में कड़ी निगरानी और संवेदनशीलता बढ़ाई जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि आगामी दिनों में छात्रों और शिक्षकों के लिए सुरक्षा और एंटी-हैरेसमेंट प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।

हालांकि, यह प्रयास बहुत जरूरी हैं, लेकिन जब तक समाज में मानसिकता में बदलाव नहीं आएगा और लड़कियों को सम्मान और सुरक्षा का अधिकार नहीं मिलेगा, तब तक यह समस्या बरकरार रहेगी। शिक्षा संस्थानों में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सिर्फ प्रशासन की कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि हमें पूरे समाज में सुरक्षा और संवेदनशीलता की भावना विकसित करने की जरूरत है।

इस मामले पर समाज और प्रशासन को एकजुट होकर काम करने की आवश्यकता है, ताकि हमारे शिक्षा संस्थान सचमुच सुरक्षित स्थान बन सकें, जहाँ छात्राएं बिना किसी डर के अपनी पढ़ाई कर सकें।

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