जेनेवा में बोले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, भारत हमेशा से बहुपक्षवाद का समर्थक

“लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला: भारत का बहुपक्षवाद और विज्ञान-प्रौद्योगिकी का महत्व“

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जेनेवा में आयोजित अंतर-संसदीय संघ की 149वीं बैठक (आईपीयू) में कहा कि भारत हमेशा से बहुपक्षवाद का समर्थक रहा है। उन्होंने “अधिक शांतिपूर्ण और टिकाऊ भविष्य के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार का उपयोग” विषय पर अपने विचार साझा करते हुए यह स्पष्ट किया कि विभिन्न देशों के सांसदों के बीच संवाद और सहयोग सबकी भलाई के लिए आवश्यक है।

बिरला ने प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सक्षम नियामक प्रणाली की आवश्यकता और नागरिकों की डेटा गोपनीयता की सुरक्षा पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि आईपीयू जैसे मंचों के माध्यम से सांसद साझा कार्य योजनाओं और संयुक्त प्रयासों के द्वारा विश्व में समावेशी विकास को आगे बढ़ा सकते हैं।

जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दों पर बोलते हुए, उन्होंने प्रधानमंत्री की “वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड” की संकल्पना का उल्लेख किया। बिरला ने बताया कि पिछले एक दशक में भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 76 गीगावाट से बढ़कर 203 गीगावाट हो गई है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए भारत की प्रतिबद्धता के तहत हरित हाइड्रोजन मिशन, अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन, और जैव-ईंधन गठबंधन जैसी पहलों की भी चर्चा की।

आईपीयू में 180 सदस्य देश शामिल हैं, जिसमें चीन, भारत और इंडोनेशिया जैसे बड़े देशों के साथ-साथ काबो वर्डे, सैन मैरिनो और पलाऊ जैसे छोटे देशों की संसदें भी शामिल हैं। यह प्लेटफॉर्म वैश्विक मुद्दों पर सहयोग और संवाद को प्रोत्साहित करता है।

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