ग्रीनपार्क की पिच के लक्षण चेपॉक से जुदा, रोहित करेंगे प्लेइंग 11 में बड़ा बदलाव
भारत और बांग्लादेश के बीच खेले जाने वाले दूसरे टेस्ट मैच के लिए कानपुर के ग्रीनपार्क स्टेडियम की पिच को लेकर चर्चा तेज हो गई है। चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम की पिच के मुकाबले कानपुर की पिच में कई महत्वपूर्ण अंतर देखने को मिल रहे हैं, जो दोनों टीमों के लिए रणनीति बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
कानपुर की पिच की विशेषताएँ
कानपुर की ग्रीनपार्क पिच को पारंपरिक रूप से स्पिनरों के लिए मददगार माना जाता है, लेकिन इस बार पिच में अच्छी घास और दृढ़ता के कारण तेज गेंदबाजों को भी मदद मिल सकती है। इससे गेंद की मूवमेंट होने की उम्मीद है, जो पहले सत्र में बल्लेबाजों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पिच के हालात बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों के लिए समान रूप से चुनौतीपूर्ण होंगे। पिच की सतह पर घास की मौजूदगी तेज गेंदबाजों को शुरूआत में सहायता कर सकती है, जबकि स्पिनर्स को दूसरे और तीसरे दिन फायदा होगा।
रोहित शर्मा का प्लेइंग 11 में संभावित बदलाव
भारत के कप्तान रोहित शर्मा ने संकेत दिए हैं कि वह प्लेइंग 11 में कुछ बदलाव कर सकते हैं। टीम के कुछ प्रमुख खिलाड़ियों के फॉर्म को देखते हुए रोहित ने कहा है कि वह टीम में संतुलन बनाए रखने के लिए एक स्पिनर की जगह एक अतिरिक्त तेज गेंदबाज को शामिल कर सकते हैं।
इस बदलाव के तहत, मोहम्मद सिराज को प्लेइंग 11 में शामिल किया जा सकता है, जो कानपुर की पिच के अनुकूल हो सकता है। इसके अलावा, रोहित ने यह भी संकेत दिया है कि वह युवा खिलाड़ियों को भी मौका देने के लिए तैयार हैं, जिससे टीम में नई ऊर्जा आ सके।
बांग्लादेश की रणनीति
बांग्लादेश की टीम भी कानपुर की पिच को ध्यान में रखते हुए अपनी रणनीति बनाएगी। टीम को पता है कि भारतीय स्पिन अटैक के खिलाफ उन्हें सावधानी से खेलना होगा। बांग्लादेश के बल्लेबाजों को शुरुआत में तेज गेंदबाजों के खिलाफ ध्यान केंद्रित करना होगा और फिर स्पिनरों के खिलाफ अपना खेल तय करना होगा।
