अपना शहर चुनेभारत

कैसे फंसे अडानी? 5 प्वाइंट में समझें अरेस्ट वारंट की पूरी कहानी, अब आगे क्या?

अडानी ग्रीन पर धोखाधड़ी के आरोप: पूरा मामला विस्तार से

हाल ही में अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) पर गंभीर धोखाधड़ी और रिश्वतखोरी के आरोप लगे हैं। यह मामला सौर ऊर्जा परियोजनाओं से जुड़ा है, जहां कंपनी पर नियमों के उल्लंघन और भ्रष्टाचार के जरिए अनुबंध हासिल करने का आरोप लगाया गया है। आइए जानते हैं पूरा मामला विस्तार से:

आरोप किस सिलसिले में हैं?

अमेरिका की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अडानी ग्रीन पर आरोप है कि उसने भारत में सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए सरकारी अधिकारियों को रिश्वत दी।

  • यह रिश्वत सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के तहत कई सौर ऊर्जा अनुबंध हासिल करने के लिए दी गई।
  • इन अनुबंधों में आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों का नाम सामने आया है।
  • रिपोर्ट में कहा गया है कि इन परियोजनाओं के लिए 1,700 करोड़ रुपये से अधिक की रिश्वत दी गई।

जांच के घेरे में कौन-कौन हैं?

  • अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी जांच के मुख्य केंद्र में हैं।
  • सागर अडानी, जो अडानी ग्रीन के प्रमुख पदों पर हैं, उनके खिलाफ आरोप और भी गंभीर हैं।
  • अडानी ग्रीन के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों पर भी जांच चल रही है।

अडानी ग्रीन ने आरोपों पर क्या कहा?

अडानी समूह ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है।

  • कंपनी ने अपने बयान में कहा, “ये आरोप पूरी तरह झूठे और बेबुनियाद हैं। अडानी समूह हमेशा कानून और नैतिकता का पालन करता है।”
  • उन्होंने यह भी कहा कि वे हर तरह की जांच में सहयोग करेंगे और सच्चाई सामने आएगी।

इस मामले का असर

  • इन आरोपों के कारण अडानी ग्रीन की छवि और वित्तीय स्थिति प्रभावित हो सकती है।
  • बाजार में निवेशकों का भरोसा डगमगा सकता है।
  • अगर आरोप साबित हुए, तो यह भारत की ऊर्जा परियोजनाओं की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर सकता है।

यह मामला अभी जांच के अधीन है, लेकिन यह निश्चित है कि अडानी समूह को अपनी साख बचाने के लिए कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।

4o

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *