- 0
- 4 words
“ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद 430 उड़ानें रद्द, 10 मई तक 27 एयरपोर्ट्स पर आवाजाही बंद“
द्वारा किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद उत्पन्न सुरक्षा हालातों को देखते हुए देश के कई हिस्सों में हवाई यातायात प्रभावित हुआ है। सुरक्षा कारणों से देशभर के 27 एयरपोर्ट्स को 10 मई तक अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। इससे अब तक 430 से अधिक उड़ानों को रद्द किया जा चुका है।
उत्तरी और पश्चिमी भारत सबसे अधिक प्रभावित
इन बंद एयरपोर्ट्स में जम्मू, श्रीनगर, लेह, पठानकोट, अमृतसर, भटिंडा, जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर, भुज, नल, फलोदी, उत्तरलाई और चंडीगढ़ जैसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थान शामिल हैं। अधिकांश एयरपोर्ट्स सैन्य गतिविधियों के लिए आरक्षित कर दिए गए हैं, जहां नियमित वाणिज्यिक उड़ानों पर रोक लगाई गई है।
डीजीसीए ने जारी की एडवाइजरी
नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने एक आपातकालीन परामर्श जारी करते हुए कहा कि यह निर्णय नागरिकों की सुरक्षा और सैन्य अभियानों की प्राथमिकता के तहत लिया गया है। सभी एयरलाइनों को निर्देश दिए गए हैं कि वे वैकल्पिक उड़ानों की योजना बनाएं और यात्रियों को तत्काल सूचना दें।
यात्रियों को हुई भारी परेशानी
अचानक उड़ानें रद्द होने के कारण यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा है। विशेष रूप से जम्मू, श्रीनगर, चंडीगढ़ और जयपुर जैसे ट्रांजिट हब पर यात्रियों की भीड़ देखी गई। कई यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों या सड़क यात्रा का सहारा लेना पड़ा।
रेलवे और सड़क परिवहन पर बढ़ा दबाव
हवाई सेवा बंद होने के कारण रेलवे और सड़क परिवहन सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। दिल्ली, लुधियाना, अमृतसर, जयपुर और जोधपुर रूट्स पर ट्रेन टिकट्स की मांग अचानक बढ़ी है। उत्तर रेलवे और उत्तर पश्चिम रेलवे ने अतिरिक्त ट्रेनों की व्यवस्था करने की घोषणा की है।
स्थिति पर सरकार की नजर
केंद्रीय गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय मिलकर स्थिति की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। बताया गया है कि जैसे ही सुरक्षा स्थिति सामान्य होगी, हवाई यातायात को चरणबद्ध तरीके से पुनः शुरू किया जाएगा।