भागदौड़ और तनावपूर्ण जिंदगी में खुद को स्वस्थ रखने का सबसे आसान उपाय है योग – राज्यपाल श्री डेका
“रायपुर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर राज्यपाल रमेन डेका ने किया योग, दिया ‘स्वस्थ जीवन’ का संदेश“
राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मण्डपम में आज 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक भव्य योग कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने न केवल योगाभ्यास किया, बल्कि योग के महत्व पर भी सारगर्भित विचार साझा किए।
राज्यपाल श्री डेका ने कहा, “योग हमें केवल शारीरिक रूप से ही नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक रूप से भी सशक्त बनाता है। आज की भागदौड़ और तनावपूर्ण जीवनशैली में योग सबसे सरल और प्रभावी उपाय है, जो हमें संतुलित और स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है।”
प्रधानमंत्री के संदेश का वाचन और सामूहिक योगाभ्यास
कार्यक्रम की शुरुआत में श्री डेका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश पढ़कर सुनाया, जिसमें योग को वैश्विक स्वास्थ्य आंदोलन का हिस्सा बताते हुए सबको इससे जुड़ने की अपील की गई थी। इसके पश्चात उन्होंने अन्य प्रतिभागियों के साथ सामूहिक योगाभ्यास में भाग लिया।
अपने उद्बोधन में राज्यपाल ने योग को भारत की हजारों वर्षों पुरानी जीवनशैली और सांस्कृतिक विरासत बताया। उन्होंने कहा कि आज विश्व के करीब 180 देशों में लोग योग अपना रहे हैं, जो भारत की संस्कृति और परंपरा के प्रति सम्मान का प्रतीक है।
थीम: “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य”
इस वर्ष की योग दिवस थीम “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग” पर बोलते हुए श्री डेका ने कहा कि यह थीम दुनिया को एकजुट कर स्वस्थ, संतुलित और टिकाऊ जीवन की दिशा में प्रेरित करती है।
वृक्षारोपण और पर्यावरण का संदेश
राज्यपाल ने योग कार्यक्रम के पश्चात “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत विश्वविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
जनप्रतिनिधियों और आमजन की उत्साहपूर्ण सहभागिता
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं जनप्रतिनिधि शामिल हुए, जिनमें विधायक पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, सुनील सोनी, मुख्य सचिव अभिताभ जैन, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, संभागायुक्त महादेव कांवरे, कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, निगम आयुक्त विश्वदीप, और जिला पंचायत सीईओ कुमार विश्वरंजन प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
इसके अलावा कार्यक्रम में दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं, छात्र-छात्राएं और अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए, जिससे यह आयोजन एक जनभागीदारी युक्त और प्रेरणादायी योग महोत्सव बन गया।
