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विश्व पर्यटन दिवस 2025 : भारत की सांस्कृतिक उड़ान, सतत विकास का सम्मान

विश्व पर्यटन दिवस 2025: पीएम मोदी की नीतियों से भारत का पर्यटन क्षेत्र बना सतत विकास और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक

हर साल 27 सितंबर को मनाया जाने वाला विश्व पर्यटन दिवस भारत के लिए अपनी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, प्राकृतिक सौंदर्य और सतत विकास की यात्रा को प्रदर्शित करने का अवसर होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी नीतियों और विजन ने न केवल भारत के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है, बल्कि इसे वैश्विक मंच पर भी एक सशक्त पहचान दी है। 2025 की थीम “पर्यटन और सतत परिवर्तन” मोदी के “विकास और विरासत” के विचार को प्रतिबिंबित करती है।

आर्थिक समृद्धि और वैश्विक प्रभाव

भारत के पर्यटन क्षेत्र में हाल के वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

  • विदेशी पर्यटक आगमन (एफटीए) 2021 के 15.27 लाख से बढ़कर 2024 में 99.52 लाख तक पहुंच गया।
  • अगस्त 2025 तक एफटीए 56 लाख और घरेलू यात्राएं 303.59 करोड़ दर्ज की गईं।
  • चिकित्सा पर्यटन में अप्रैल 2025 तक 1,31,856 विदेशी मरीज आए, जो कुल एफटीए का 4.1% है।
  • पर्यटन क्षेत्र ने 2023-24 में भारत की जीडीपी में ₹15.73 लाख करोड़ (5.22%) का योगदान दिया और लगभग 36.9 मिलियन प्रत्यक्ष तथा 47.72 मिलियन अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित किए।

सांस्कृतिक और आध्यात्मिक उत्थान: स्वदेश दर्शन और प्रसाद

  • स्वदेश दर्शन योजना (2014-15) के तहत थीमैटिक पर्यटन सर्किट विकसित किए गए। 76 परियोजनाओं को ₹5,290.30 करोड़ की मंजूरी मिली, जिनमें से 75 पूरी हो चुकी हैं।
  • स्वदेश दर्शन 2.0 (2023) के अंतर्गत 52 परियोजनाओं को ₹2,108.87 करोड़ की स्वीकृति दी गई, जो सतत पर्यटन को बढ़ावा दे रही हैं।
  • प्रसाद योजना के तहत अगस्त 2025 तक 28 राज्यों में 54 परियोजनाओं को ₹1,168 करोड़ की सहायता मिली। त्रिपुरा सुंदरी मंदिर जैसे धार्मिक स्थलों का पुनर्विकास इस दिशा में अहम कदम है।

डिजिटल भारत और घरेलू पर्यटन को नई उड़ान

  • 2020 में शुरू हुई देखो अपना देश पहल ने घरेलू पर्यटन को गति दी।
  • इंक्रेडिबल इंडिया डिजिटल प्लेटफॉर्म (IIDP) ने 2024 में 294.76 करोड़ यात्राएं दर्ज कीं।
  • निधि पोर्टल के माध्यम से होमस्टे को गोल्ड और सिल्वर श्रेणियों में वर्गीकृत किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ रहा है।

जीएसटी सुधार और पर्यटन को सुलभ बनाना

  • ₹7,500 से कम किराए वाले होटलों पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% कर दी गई, जिससे यात्रा अधिक सस्ती और सुलभ हो गई।
  • इस कदम से वीकेंड टूरिज्म, तीर्थ सर्किट और इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिला है।

विविधता और नवाचार का उत्सव

  • उत्सव पोर्टल ने त्योहार पर्यटन को प्रोत्साहित किया।
  • एडवेंचर पर्यटन के लिए 120 नए पर्वत शिखर खोले गए।
  • “इंडिया सेज आई डू” और “वेड इन इंडिया” अभियानों ने भारत को वैश्विक वेडिंग डेस्टिनेशन बनाया।
  • क्रूज भारत मिशन ने रिवर क्रूज को 19.4% तक बढ़ाया और 2027 तक 14 राज्यों में 51 नए सर्किट प्रस्तावित किए।
  • “हील इन इंडिया” पहल ने आयुर्वेद और योग के माध्यम से चिकित्सा पर्यटन को बढ़ावा दिया।

सतत पर्यटन: विकसित भारत की राह

प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों ने भारत को सतत और समावेशी पर्यटन का प्रतीक बनाया है। स्वदेश दर्शन, प्रसाद और डिजिटल पहलों ने पर्यटन को पर्यावरण-अनुकूल, रोजगार-सृजनशील और सामाजिक रूप से समावेशी बनाया है। आज 73% भारतीय पर्यटक सतत पर्यटन को प्राथमिकता देते हैं, जो वैश्विक औसत से अधिक है।

विश्व पर्यटन दिवस 2025 भारत के लिए अपनी सांस्कृतिक विरासत, आर्थिक प्रगति और सतत भविष्य की झलक दुनिया को दिखाने का अवसर है — एक ऐसा भारत जो हर यात्रा में एकता, समृद्धि और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है।

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