केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया
“प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि दी“
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आज शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की स्मृति में शोक प्रस्ताव पारित किया। मंत्रिमंडल ने डॉ. सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए दो मिनट का मौन रखा और उनके सम्मान में पूरे देश में 1 जनवरी 2025 तक सात दिन का राजकीय शोक घोषित किया। इस अवधि के दौरान राष्ट्रीय ध्वज देशभर में और विदेशों में सभी भारतीय मिशनों पर आधा झुका रहेगा।
डॉ. मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार कल शनिवार को नई दिल्ली स्थित राजघाट के पास पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। अंतिम संस्कार के दिन सभी केंद्रीय सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (CPSUs) में आधे दिन का अवकाश रहेगा।
डॉ. मनमोहन सिंह का जन्म 26 सितंबर, 1932 को अविभाजित भारत के पंजाब प्रांत में हुआ था। उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय, कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से शिक्षा ग्रहण की। 1987 में उन्हें भारत के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान, पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।
अपने करियर की शुरुआत उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय में शिक्षक के रूप में की। बाद में उन्होंने दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में भी अध्यापन किया। इसके बाद उन्होंने सरकारी सेवा में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया, जिनमें भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर और वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार का कार्यभार शामिल है।
1991 में भारत के वित्त मंत्री के रूप में डॉ. सिंह ने आर्थिक सुधारों की दिशा में कई ऐतिहासिक कदम उठाए, जिन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा दी। 2004 से 2014 तक वे भारत के प्रधानमंत्री रहे और इस दौरान कई ऐतिहासिक योजनाएं लागू कीं।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अपने शोक प्रस्ताव में कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह का जीवन सादगी, ईमानदारी और सेवा का प्रतीक था। उनके निधन से देश ने एक महान राजनेता, प्रख्यात अर्थशास्त्री और प्रेरणादायक नेता खो दिया है। मंत्रिमंडल ने डॉ. सिंह के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।
