झांसी में तीन दिवसीय किसान मेला एवं कृषि प्रदर्शनी का आयोजन
“झाँसी में रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में “किसान मेला एवं कृषि प्रदर्शनी” का आयोजन“
झाँसी, 14 फरवरी: झाँसी में रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय द्वारा “जलवायु – समावेशी कृषि” के उद्देश्य से “किसान मेला एवं कृषि प्रदर्शनी” का आयोजन आज से 16 फरवरी तक किया जाएगा। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य किसानों को जलवायु-समावेशी कृषि प्रणाली के प्रति जागरूक करना और उन्हें उन्नत कृषि तकनीकों से अवगत कराना है।
कृषि और जलवायु परिवर्तन के बीच समन्वय
इस आयोजन के संदर्भ में केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अशोक कुमार सिंह ने बताया कि वर्तमान समय में, जब उपभोक्ता पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर सचेत हैं, जलवायु समावेशी कृषि एक आशा की किरण के रूप में उभर रही है। उन्होंने कहा कि खाद्य और पोषण सुरक्षा आज के युग की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है और जलवायु-समावेशी कृषि प्रणाली इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
जलवायु-समावेशी कृषि की भूमिका
यह प्रणाली न केवल भूमि की उर्वरता और स्वास्थ्य को बनाए रखने में सहायक है, बल्कि यह दीर्घकालिक खाद्य सुरक्षा को भी सुनिश्चित कर सकती है। इस कृषि मेले में विशेषज्ञों द्वारा किसानों को नवीनतम तकनीकों, जैविक खेती, जल संरक्षण उपायों और सतत कृषि पद्धतियों की जानकारी दी जाएगी।
कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएँ
- कृषि प्रौद्योगिकियों और नवीन तकनीकों का प्रदर्शन
- विशेषज्ञों द्वारा जलवायु-समावेशी कृषि पर व्याख्यान
- किसानों के लिए कार्यशालाएँ और इंटरएक्टिव सत्र
- सतत कृषि और जल संरक्षण पर जागरूकता अभिया
