पशुपालन में हैं अपार संभावनाएं, इसके आधुनिकीकरण पर दें बल: अमरजीत सिंह
“पारंपरिक पशुपालन सैक्टर में आधुनिक तकनीक से बढ़ेगा रोजगार: उपायुक्त अमरजीत सिंह”
उपायुक्त अमरजीत सिंह ने कहा कि पशुपालन जैसे पारंपरिक सैक्टर में रोजगार की बड़ी संभावनाएं हैं, जिन्हें आधुनिक तकनीक से और भी मजबूत किया जा सकता है। वीरवार को आयोजित एक कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि पशुपालन के आधुनिकीकरण से ग्रामीण आर्थिकी को मजबूती मिलेगी और युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा।
उपायुक्त ने कहा कि पशुपालन विभाग, किसान और पशुपालक इस दिशा में ठोस कदम उठाएं। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे पशु चिकित्सा सुविधाओं के उन्नयन, नस्ल सुधार, दुग्ध विपणन, दुग्ध सहकारी सभाओं की स्थापना, चारे की समस्या के समाधान और तकनीकी उपकरणों के उपयोग को लेकर एक समग्र रिपोर्ट तैयार करें।
इस रिपोर्ट में कृषि, बागवानी, वन, ग्रामीण विकास, जल शक्ति, उद्योग, सहकारिता विभाग, मिल्क फैडरेशन, स्वयं सहायता समूहों और गौसदनों से भी सुझाव लिए जाएंगे।
कार्यशाला में पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. देवेंद्र कतना ने जिले की संभावनाओं पर प्रस्तुति दी। इस अवसर पर कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. शशिपाल अत्री, मिल्क फैडरेशन की अधिकारी सुनीता कुमारी, अन्य विभागों के अधिकारी, प्रगतिशील पशुपालक अनिल कुमार और तरसेम चंद भी उपस्थित रहे।
