विभागीय जलाशयों के आवंटन की प्रक्रिया 30 जून तक पूरी करा लिया जाये -डा0 संजय कुमार निषाद
“उत्तर प्रदेश में मत्स्य व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए व्यापक अभियान की तैयारी“
लखनऊ, 15 अप्रैल 2025 — उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में मत्स्य पालन और मछुआ समुदाय के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए तेज़ गति से कार्य कर रही है। मत्स्य विकास मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने आज विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि मछुआ समुदाय के लिए चलाई जा रही सभी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग मत्स्य पालन को एक व्यवसायिक अवसर के रूप में अपनाएं।
मंत्री ने कहा कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के नागरिकों को योजनाओं की जानकारी दी जाए और लाभार्थियों के चयन, भुगतान एवं कार्यों की गुणवत्ता को लेकर आने वाली शिकायतों का तत्काल समाधान हो।
जलाशयों का समयबद्ध आवंटन और तकनीकी प्रगति पर जोर
बैठक में मंत्री ने विभागीय जलाशयों के आवंटन की प्रक्रिया को 30 जून तक पूर्ण करने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि विभाग को तकनीकी रूप से सशक्त बनाते हुए, रीसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम, बायोफ्लॉक तकनीक, और एकीकृत मत्स्य पालन जैसे आधुनिक तरीकों को बढ़ावा दिया जाए।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर विशेष ध्यान
डॉ. निषाद ने कहा कि सभी योजनाओं का निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संचालन किया जाए, ताकि पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंच सके। साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी, और समय पर कार्य पूरा न करने वालों पर कार्रवाई भी की जाएगी।
प्रमुख योजनाएं और सहयोगात्मक ढांचा
बैठक में निम्नलिखित योजनाओं की समीक्षा की गई:
- प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना
- मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना
- निषादराज बोट योजना
- मत्स्य पालक कल्याण कोष
- मछुआ किसान क्रेडिट कार्ड योजना
साथ ही सहकारी समितियों के गठन, एरेशन सिस्टम की स्थापना और आर्थिक एवं भौतिक प्रगति का मूल्यांकन किया गया।
एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की दिशा में योगदान
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के ‘ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था’ के लक्ष्य में मत्स्य विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश को मत्स्य उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना प्राथमिकता है, ताकि अन्य राज्यों पर बीज, आहार या तकनीकी मदद के लिए निर्भर न रहना पड़े।
विभागीय अधिकारियों से संवाद
बैठक में प्रमुख सचिव के. रविंद्र नायक, महानिदेशक मत्स्य राजेश प्रकाश, निदेशक एम.एस. रहमानी, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। सभी ने योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर अपने विचार साझा किए और निर्देशों के त्वरित अनुपालन का आश्वासन दिया।
