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“पूर्वांचल में बनेगा गोमती इको विलेज: इस्कॉन करेगा विकास“
इस्कॉन मीरा रोड मुंबई और वापी गुजरात के अध्यक्ष, कमल लोचन प्रभु, ने भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद के जीवन और दर्शन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जौनपुर के पास कुंभ गांव में गोमती इको विलेज विकसित किया जा रहा है। यह 40 एकड़ के क्षेत्रफल में बनेगा और आध्यात्मिकता और पर्यटन के क्षेत्र में जौनपुर को एक नई पहचान देगा।
विकास के मुख्य उद्देश्य
गोमती इको विलेज का उद्देश्य स्थानीय कौशल विकास, जैविक खेती, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, और सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देना है। इस परियोजना में आश्रम, गुरुकुल, गोशाला और मंदिर की स्थापना शामिल है, जिससे आध्यात्मिक और सामाजिक विकास को बल मिलेगा।
इस्कॉन का योगदान
इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (इस्कॉन) की स्थापना 1966 में न्यूयॉर्क में एसी भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद द्वारा की गई थी। यह संगठन विश्वभर में आध्यात्मिकता और संस्कारों को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है। गोमती इको विलेज इस परंपरा का हिस्सा होगा और क्षेत्रीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
आगामी कार्यक्रम
कार्यक्रम संयोजक डॉ. क्षितिज शर्मा ने जानकारी दी कि 6 से 12 जनवरी के बीच सिद्धार्थ उपवन में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा। इस कथा के व्यास कमल लोचन प्रभु होंगे, जो इस्कॉन के सिद्धांतों को साझा करेंगे।
गोमती इको विलेज परियोजना से क्षेत्र के सांस्कृतिक और आर्थिक विकास में नई संभावनाएं जुड़ने की उम्मीद है।