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एशियन कुराश चैंपियनशिप में शौर्यवीर यादव ने कांस्य पदक जीत रचा इतिहास

हिमाचल के शौर्यवीर यादव ने जूनियर एशियन कुराश चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत रचा इतिहास

अगस्त 04, मंडी (हिमाचल प्रदेश): हिमाचल प्रदेश के खेल इतिहास में आज एक गौरवशाली अध्याय जुड़ गया। मंडी जिले के डडोर गांव से ताल्लुक रखने वाले 16 वर्षीय शौर्यवीर यादव ने दक्षिण कोरिया के च्यांगजू शहर में आयोजित जूनियर एशियन कुराश चैंपियनशिप 2025 में कांस्य पदक जीतकर प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। यह पदक हिमाचल के लिए एशियन कुराश चैंपियनशिप में पहला है, जो इसे ऐतिहासिक बनाता है।

शौर्यवीर ने 90 किलोग्राम जूनियर बॉयज़ वर्ग में एशिया के 25 देशों के प्रतिभागियों को चुनौती देते हुए शानदार प्रदर्शन किया और तीसरा स्थान हासिल किया। यह सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि हिमाचल प्रदेश से पहली बार किसी खिलाड़ी और कोच को भारतीय कुराश टीम में स्थान मिला है।

भारतीय टीम के कोच वीरेंद्र सिंह धौलटा, जो स्वयं कॉमनवेल्थ जूडो पदक विजेता और हिमाचल प्रदेश कुराश एसोसिएशन के महासचिव हैं, ने शौर्यवीर को अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी दिलाने में अहम भूमिका निभाई। धौलटा वर्तमान में शिक्षा विभाग में वाणिज्य प्रवक्ता के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया, “हमें शौर्यवीर से स्वर्ण पदक की उम्मीद थी, लेकिन कमर की चोट के कारण वह पीछे रह गए। फिर भी, उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और कांस्य पदक जीतकर अपनी क्षमता का परिचय दिया।”

शौर्यवीर का परिवार भी खेल जगत से गहराई से जुड़ा है। उनके पिता डॉ. संजय यादव अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी रहे हैं और परशुराम पुरस्कार से सम्मानित हैं। हाल ही में उन्हें राज्य शिक्षक पुरस्कार-2024 भी मिला है। उनके ताया जगदीश यादव को ‘हिमाचल केसरी’ और ‘हिमाचल कुमार’ जैसे प्रतिष्ठित खिताब प्राप्त हैं।

इससे पहले भी शौर्यवीर राष्ट्रीय जूनियर कुराश प्रतियोगिता में रजत पदक और नेशनल स्कूल गेम्स 2025 (छत्रसाल स्टेडियम, दिल्ली) में कुश्ती में कांस्य पदक जीत चुके हैं। उन्हें राज्य स्तरीय स्कूल इंडोर गेम्स में ‘बेस्ट प्लेयर’ का खिताब भी मिल चुका है।

शौर्यवीर की यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत संघर्ष और समर्पण का परिणाम है, बल्कि हिमाचल प्रदेश के युवाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बन गई है।

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