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कश्मीर में भीषण शीतलहर, तापमान गिरने से जमीं पानी की आपूर्ति लाइनें

कश्मीर में भीषण शीतलहर, तापमान में गिरावट से जम गईं पानी की आपूर्ति लाइनें

कश्मीर में शीतलहर ने गंभीर स्थिति पैदा कर दी है, जहां न्यूनतम तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे चला गया है। इस वजह से पानी की आपूर्ति लाइनें जम गई हैं, और डल झील समेत कई जल निकायों की सतह पर बर्फ की परत जम चुकी है।

तापमान के रिकॉर्ड

मौसम विभाग के अनुसार, श्रीनगर में बुधवार रात न्यूनतम तापमान शून्य से 7 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो पिछली रात के शून्य से 7.3 डिग्री सेल्सियस से थोड़ा ऊपर है। गुलमर्ग, जो अपनी स्कीइंग गतिविधियों के लिए मशहूर है, में न्यूनतम तापमान माइनस 6 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, वार्षिक अमरनाथ यात्रा के आधार शिविर पहलगाम में तापमान माइनस 8.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

कश्मीर के अन्य हिस्सों में भी तापमान में गिरावट देखी गई। काजीगुंड में माइनस 7 डिग्री सेल्सियस और कुपवाड़ा में माइनस 6.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सबसे ठंडा स्थान पंपोर का कोनीबल गांव रहा, जहां तापमान माइनस 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मौसम पूर्वानुमान

मौसम विभाग ने शुक्रवार दोपहर से शनिवार दोपहर तक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी की संभावना जताई है। 29 से 31 दिसंबर तक मौसम शुष्क रहेगा, जबकि 1 से 4 जनवरी के बीच अलग-अलग स्थानों पर हल्की बर्फबारी हो सकती है।

चिल्लई-कलां का प्रभाव

कश्मीर में 21 दिसंबर से चिल्लई-कलां की शुरुआत हो चुकी है। इसे सर्दियों का सबसे कठोर दौर माना जाता है, जो 40 दिनों तक रहता है और 30 जनवरी को समाप्त होगा। इस दौरान तापमान सबसे ज्यादा गिरता है, और बर्फबारी की संभावना चरम पर होती है। हालांकि, इसके समाप्त होने के बाद भी शीतलहर का प्रभाव जारी रहेगा।

शीतलहर और बर्फबारी ने कश्मीर में जनजीवन को काफी प्रभावित किया है। स्थानीय प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखते हुए आपूर्ति और सेवाओं को बहाल करने के लिए कदम उठाए हैं।

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