उत्तराखंड में रिवर्स पलायन की शुरुआत, लौट रहे प्रवासी अब गांवों में खड़ा कर रहे रोजगार के नए मॉडल
“उत्तराखंड में रिवर्स पलायन की बयार, गांवों की ओर लौट रहे लोग“
प्रदेश के लिए एक सकारात्मक संकेत के रूप में रिवर्स पलायन की खबर सामने आ रही है। लंबे समय तक पलायन की मार झेल चुके उत्तराखंड में अब हालात बदलते नज़र आ रहे हैं। दूसरे राज्यों में काम करने गए लोग अब अपने गांवों की ओर लौट रहे हैं और वहीं नए सिरे से रोज़गार के अवसर खड़े कर रहे हैं।
पलायन निवारण आयोग के उपाध्यक्ष शरद नेगी ने जानकारी देते हुए कहा कि जिन इलाकों से पहले बड़े पैमाने पर पलायन हुआ था, अब वहां वापसी का रुझान देखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन, कृषि, बागवानी और डेयरी फार्मिंग जैसे क्षेत्रों में लोग सक्रियता से काम कर रहे हैं।
शरद नेगी ने बताया कि उनकी टीम फिलहाल विभिन्न जिलों का दौरा कर रही है, और जल्द ही पिथौरागढ़ और रुद्रप्रयाग जिलों का भी भ्रमण किया जाएगा। वहां से प्राप्त जानकारी के आधार पर सटीक आंकड़े तैयार किए जाएंगे, जिनसे यह स्पष्ट होगा कि कितने लोगों ने स्थायी रूप से गांवों की ओर रुख किया है।
नेगी ने इस बदलाव को सरकार और आयोग की योजनाओं का परिणाम बताया और उम्मीद जताई कि आने वाले समय में यह ट्रेंड और अधिक मज़बूती से उभरेगा।
