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“गणतंत्र दिवस 2025: 942 कर्मियों को बहादुरी और सेवा पदक से सम्मानित किया गया”
गणतंत्र दिवस 2025 के अवसर पर केंद्र सरकार ने 942 कर्मचारियों को बहादुरी और सेवा पदक से सम्मानित करने की घोषणा की। ये पुरस्कार पुलिस, अग्नि सेवा, होम गार्ड, सिविल डिफेंस और सुधारात्मक सेवाओं में असाधारण योगदान देने वाले कर्मियों को दिए गए।
मरणोपरांत बहादुरी पदक प्राप्तकर्ता
इस वर्ष, 5 कर्मचारियों को मरणोपरांत बहादुरी पदक प्रदान किया गया है। इनकी पहचान इस प्रकार है:
- हिमायूं मुज़म्मिल (पुलिस उपाधीक्षक, जम्मू और कश्मीर पुलिस)
- गिरिजेश कुमार उद्दे (हेड कांस्टेबल, सीमा सुरक्षा बल)
- सुनील कुमार पांडेय (कांस्टेबल, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल)
- रवि शर्मा (हेड कांस्टेबल, सशस्त्र सीमा बल)
- सतीश कुमार रैना (चयन ग्रेड फायरमैन)
पुरस्कार वितरण का विवरण
- बहादुरी पदक: 95 कर्मियों को दिया गया। इनमें से 78 पुलिस सेवा और 17 अग्नि सेवा के कर्मी शामिल हैं। इन पुरस्कारों का वितरण इस प्रकार हुआ:
- नक्सल प्रभावित क्षेत्र: 28 कर्मी
- जम्मू और कश्मीर: 28 कर्मी
- उत्तर-पूर्व क्षेत्र: 3 कर्मी
- अन्य क्षेत्र: 36 कर्मी
- राष्ट्रपति पदक: कुल 101 कर्मियों को सम्मानित किया गया। इनमें 85 पुलिस सेवा, 5 अग्नि सेवा, 7 सिविल डिफेंस और होम गार्ड, और 4 सुधारात्मक सेवा के कर्मी शामिल हैं।
- मेरिटोरियस सर्विस मेडल (MSM): कुल 746 कर्मियों को दिया गया। इसका वितरण इस प्रकार हुआ:
- 634 पुलिस सेवा
- 37 अग्नि सेवा
- 39 सिविल डिफेंस और होम गार्ड
- 36 सुधारात्मक सेवा
बहादुरी और उत्कृष्टता के प्रतीक
बहादुरी पदक उन कर्मियों को प्रदान किए गए जिन्होंने जीवन और संपत्ति की रक्षा, अपराध रोकने, या अपराधियों को पकड़ने में असाधारण साहस का परिचय दिया। वहीं, राष्ट्रपति पदक और मेरिटोरियस सर्विस मेडल उन कर्मियों को सम्मानित करते हैं जिन्होंने सेवा के दौरान उत्कृष्टता और समर्पण का प्रदर्शन किया।
राष्ट्रीय कर्तव्य की मिसाल
इन पुरस्कारों के माध्यम से उन कर्मियों के अद्वितीय योगदान को मान्यता दी गई है जो देश की सुरक्षा और भलाई के लिए अद्वितीय साहस और समर्पण के साथ काम करते हैं। यह सम्मान उनके निस्वार्थ सेवा भाव और असाधारण कर्तव्यों का प्रतीक है।