QUAD शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी का जोर, नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और संप्रभुता के सम्मान पर दिया बल
वॉशिंगटन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका में आयोजित चार देशों के QUAD शिखर सम्मेलन में भाग लेते हुए, एक नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और संप्रभुता के सम्मान पर विशेष जोर दिया। प्रधानमंत्री का यह बयान अंतरराष्ट्रीय मंच पर चीन की आक्रामकता के खिलाफ बिना नाम लिए उसके विस्तारवादी रवैये का स्पष्ट विरोध माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि वैश्विक स्थिरता और शांति के लिए नियमों पर आधारित व्यवस्था और सभी देशों की संप्रभुता का सम्मान करना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा, “हम एक ऐसे विश्व की कामना करते हैं जहां सभी देशों का समान रूप से सम्मान हो और उनकी क्षेत्रीय अखंडता को बनाए रखा जाए।” मोदी के इस बयान को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन के आक्रामक रवैये के संदर्भ में देखा जा रहा है।
QUAD (जिसमें भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं) का यह शिखर सम्मेलन इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता को सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है। इस दौरान चारों देशों ने मुक्त और स्वतंत्र इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, जो चीन के बढ़ते प्रभाव के खिलाफ एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी का यह वक्तव्य अंतरराष्ट्रीय समुदाय के बीच चीन की बढ़ती आक्रामकता के खिलाफ सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक मजबूत संदेश के रूप में देखा जा रहा है।