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“उपभोक्ता अधिकारों के संरक्षण के लिए नई पहल: एआई उपकरण और ई-कॉम सुरक्षा उपाय लागू“
राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस 2024 के अवसर पर केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने उपभोक्ता-हितैषी पहलों की शुरुआत की। इन पहलों में एआई-सक्षम हेल्पलाइन, भ्रामक विपणन का पता लगाने वाले उपकरण, और ऑनलाइन शॉपिंग सुरक्षा उपाय शामिल हैं। इस मौके पर प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनियों ने उपभोक्ताओं की सुरक्षा बढ़ाने का संकल्प लिया।
प्रमुख पहल और लॉन्च
राष्ट्रीय उपभोक्ता अधिकार दिवस समारोह नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित किया गया, जहां मंत्री प्रह्लाद जोशी ने ‘जागो ग्राहक जागो’ ऐप, ‘जागृति ऐप’ और ‘जागृति डैशबोर्ड’, सभी सेवाओं के लिए ‘ई-मैप’ पोर्टल, कानूनी माप विज्ञान सेवाएं, और एआई-सक्षम एनसीएच 2.0 लॉन्च किए।
मंत्री जोशी ने उपभोक्ता अधिकारों को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि प्रौद्योगिकी के माध्यम से उपभोक्ताओं को सशक्त बनाना और न्याय को हर नागरिक तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने उपभोक्ता विवादों के तेज समाधान के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
उपभोक्ता विवाद समाधान में प्रगति
इस वर्ष जनवरी से नवंबर के बीच राष्ट्रीय आयोग में दर्ज 3,628 मामलों सहित 6,587 मामलों का समाधान देश की त्रिस्तरीय उपभोक्ता अदालत प्रणाली के माध्यम से किया गया। उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने छद्म विज्ञापनों के नियमन के लिए दिशा-निर्देश तैयार किए हैं और नियमों का उल्लंघन करने वाली 13 कंपनियों को नोटिस जारी किया है।
E-commerce platform participation
रिलायंस रिटेल, टाटा संस और जोमैटो जैसे प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ने उपभोक्ता सुरक्षा के लिए सुरक्षा प्रतिज्ञा को अपनाया। सरकार ने एआई-सक्षम राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन और डिजिटल शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत करते हुए उपभोक्ताओं के लिए जागो ग्राहक जागो ऐप और ई-मैप पोर्टल जैसे नए टूल्स शुरू किए।
उपभोक्ता अधिकार दिवस का विषय
इस वर्ष का विषय, “आभासी सुनवाई और उपभोक्ता न्याय तक डिजिटल पहुंच,” डिजिटल और समावेशी शिकायत निवारण प्रणाली के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
कार्यक्रम में मौजूद प्रमुख व्यक्ति
कार्यक्रम में उपभोक्ता मामलों के राज्य मंत्री बी एल वर्मा, ट्राई के अध्यक्ष अनिल कुमार लाहोटी, एआईसीटीई के अध्यक्ष टीजी सीताराम, और उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे उपस्थित थे।
ये पहल उपभोक्ता अधिकारों को संरक्षित करने, डिजिटल प्रगति के साथ न्याय को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।