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“नवी मुंबई और नोएडा एयरपोर्ट के लिए नया एयरस्पेस डिजाइन तैयार, उड़ानों में होगी बचत और सुरक्षा में सुधार“
एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने नवी मुंबई और नोएडा (जेवर) अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के लिए नया एयरस्पेस डिजाइन और उड़ान मार्ग तैयार कर लिया है। इस पहल से विमानों की उड़ानें अधिक तेज, सुरक्षित और ईंधन-किफायती होंगी। चूंकि ये दोनों एयरपोर्ट देश के सबसे व्यस्त हवाई मार्गों के पास स्थित हैं, इसलिए बेहतर एयरस्पेस प्रबंधन से हवाई यातायात में भीड़भाड़ कम होगी और संचालन अधिक सुचारु रहेगा।
उड़ान समय में कमी और ईंधन की बचत
AAI ने बोइंग इंडिया के सहयोग से ऐसा एयरस्पेस डिजाइन विकसित किया है जिससे उड़ान का समय कम होगा और ईंधन की बचत होगी। इस प्रक्रिया के तहत “टोटल एयरस्पेस एंड एयरपोर्ट मॉडलर (TAAM)” का उपयोग किया गया, जिससे उड़ान भरने (SID) और लैंडिंग (STAR) की नई प्रक्रियाएं तैयार की गईं। इसके जरिए विमानों की आवाजाही अधिक प्रभावी और व्यवस्थित होगी, जिससे उड़ानों में देरी कम होगी और यात्री अनुभव बेहतर होगा।
सुरक्षित और प्रभावी उड़ान मार्ग
बोइंग ने सिमुलेशन और टकराव विश्लेषण (Conflict Analysis) के माध्यम से यह सुनिश्चित किया कि सभी उड़ान मार्ग सुरक्षित और प्रभावी हों। इसके साथ ही, एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स का कार्यभार भी आसान होगा, क्योंकि वे अधिक संगठित और सुव्यवस्थित एयरस्पेस में विमानों की निगरानी कर सकेंगे।
बड़े हवाई अड्डों से जुड़ाव और मेट्रोप्लेक्स प्रणाली की दिशा में कदम
AAI के चेयरमैन विपिन कुमार ने कहा, “यह नई प्रणाली नवी मुंबई और नोएडा एयरपोर्ट को दिल्ली IGI और मुंबई CSMIA जैसे प्रमुख हवाई अड्डों के साथ प्रभावी रूप से जोड़ने में मदद करेगी। इससे उड़ान मार्ग छोटे होंगे, ईंधन की खपत कम होगी और हवाई यातायात प्रबंधन अधिक कुशल बनेगा।”
यह पहल भारत में “मेट्रोप्लेक्स” हवाई प्रणाली की ओर पहला कदम है, जिससे एक साथ कई बड़े हवाई अड्डों को कुशलतापूर्वक संचालित किया जा सकेगा। इस नई प्रणाली का एक घरेलू एयरलाइन ऑपरेटर द्वारा सफल परीक्षण किया गया है, जिसके बाद डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) इंडिया ने इसे मंजूरी दे दी है। जल्द ही इस प्रणाली को पूर्ण रूप से लागू किया जाएगा, जिससे भारतीय हवाई यातायात संचालन में क्रांतिकारी बदलाव आने की संभावना है।