मंडला:- महाराजपुर संगम घाट पर ‘बावड़ी उत्सव’, नर्मदा जल संरक्षण को नई दिशा
“महाराजपुर संगम घाट पर ‘बावड़ी उत्सव’: नर्मदा जल संरक्षण को मिली नई दिशा“
मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत महाराजपुर संगम घाट स्थित ऐतिहासिक बावड़ी में ‘बावड़ी उत्सव’ का आयोजन किया गया। वर्ष 1890 में निर्मित यह बावड़ी एक समय में नर्मदा जल संरक्षण की पहचान थी, लेकिन उपेक्षा के चलते यह कूड़ादान में तब्दील हो गई थी।
परिषद ने स्थानीय नागरिकों, छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के सहयोग से इस प्राचीन जल संरचना को फिर से जीवंत किया। राजेन्द्र चौधरी (जिला समन्वयक, जन अभियान परिषद मंडला), गजेंद्र गुप्ता (सामाजिक कार्यकर्ता), और हिमांशु सोनी (छात्र) सहित कई स्थानीय लोगों ने इस पुनर्जीवन अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई।
इस आयोजन के दौरान बावड़ी को दीयों, रंगोली और महाआरती से सजाया गया, जिससे वातावरण में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ। यह उत्सव सिर्फ एक परंपरा को पुनर्जीवित करने का प्रयास नहीं था, बल्कि जल संरक्षण के प्रति जन जागरूकता का भी सशक्त संदेश था।
जन अभियान परिषद ने इस पहल के अंतर्गत प्रदेशभर में 137 बावड़ियों का पुनर्जनन कर एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। यह अभियान जल स्रोतों के संरक्षण के साथ-साथ समाज को जल संकट के प्रति संवेदनशील बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है।
