लखनऊ- सीएम योगी ने कर विभाग की समीक्षा में पारदर्शिता, तकनीकी दक्षता और सख्त प्रवर्तन पर जोर दिया
“मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य कर विभाग की समीक्षा, कर पारदर्शिता और प्रवर्तन पर दिया जोर“
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने आवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य कर विभाग की समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने कर संग्रह में पारदर्शिता, तकनीकी दक्षता, और सख्त प्रवर्तन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने शेल कंपनियों और अवैध फर्मों के विरुद्ध कार्रवाई को तेज करने पर बल दिया और नई फर्मों के लिए स्थलीय निरीक्षण को अनिवार्य बनाने का आदेश दिया। उन्होंने कर चोरी को राष्ट्रीय अपराध की संज्ञा देते हुए इससे सख्ती से निपटने की बात कही।
अप्रैल और मई 2025 में राज्य में कुल 18,161.59 करोड़ रुपये का जीएसटी और वैट संग्रह हुआ। उन्होंने लखनऊ, अयोध्या, बरेली समेत 14 जोनों के अच्छे प्रदर्शन की सराहना की, वहीं प्रयागराज, कानपुर और इटावा जैसे कमजोर प्रदर्शन करने वाले क्षेत्रों की विशेष समीक्षा के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कम संग्रह वाले क्षेत्रों में अधिकारियों को व्यापारिक समुदाय के साथ बेहतर संवाद स्थापित करना चाहिए, ताकि स्वैच्छिक कर अनुपालन को बढ़ावा मिले और व्यापारी वर्ग के साथ विश्वास का माहौल बन सके।
इस समीक्षा बैठक को कर प्रशासन को अधिक जवाबदेह और प्रभावी बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
