लोकमान्य तिलक ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी : पीएम मोदी
“लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक जयंती पर राष्ट्र ने किया श्रद्धांजलि अर्पित“
स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत लोकमान्य तिलक को राष्ट्र ने दी श्रद्धांजलि
देशभर में 23 जुलाई को स्वतंत्रता संग्राम के महानायक, प्रखर राष्ट्रवादी और समाज सुधारक लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई केंद्रीय नेताओं ने उनके विचारों को याद किया और उन्हें राष्ट्र की प्रेरणा बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नमन
प्रधानमंत्री मोदी ने तिलक को स्वतंत्रता की चेतना जागृत करने वाला अग्रणी नेता बताया। उन्होंने कहा:
“लोकमान्य तिलक को उनकी जयंती पर शत-शत नमन। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी और भारतीय जनमानस में स्वराज की भावना को प्रज्वलित किया।”
गृह मंत्री अमित शाह का संदेश
अमित शाह ने उन्हें “स्वराज का उद्घोषक” बताते हुए लिखा:
“गणेशोत्सव और गीता रहस्य के माध्यम से तिलक जी ने भारतीय संस्कृति को स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़ा। उनका जीवन हर भारतीय को प्रेरित करता रहेगा।”
जेपी नड्डा का वक्तव्य
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा:
“तिलक जी ने छत्रपति शिवाजी महोत्सव और सार्वजनिक गणेशोत्सव जैसे आयोजनों के माध्यम से जनमानस में एकता और राष्ट्रप्रेम का संचार किया। वे पूर्ण स्वराज्य के उद्घोषक थे।”
नितिन गडकरी की श्रद्धांजलि
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने लिखा:
“लोकमान्य तिलक ने देश को स्वराज्य का मूल मंत्र दिया, जिसे भारतवासी आज भी आत्मसात किए हुए हैं।”
अन्य नेताओं की प्रतिक्रियाएं
- पीयूष गोयल ने तिलक को “प्रखर राष्ट्रवादी और क्रांतिकारी विचारक” बताया।
- मनसुख मांडविया ने उनके प्रसिद्ध नारे का उल्लेख करते हुए कहा:
“स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा” आज भी प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणा है। - शिवराज सिंह चौहान ने कहा:
“तिलक जी का जीवन और विचार आज भी राष्ट्र की सेवा के लिए प्रेरणा देते हैं। उन्होंने जन-जन में पूर्ण स्वराज्य की भावना स्थापित की।”
समापन
लोकमान्य तिलक न केवल स्वतंत्रता संग्राम के अगुआ थे, बल्कि उन्होंने भारतीय समाज को एकजुट करने के लिए सांस्कृतिक चेतना का भी प्रसार किया। उनकी सोच, नेतृत्व और राष्ट्रप्रेम की भावना आज भी हर पीढ़ी को प्रेरित करती है। उनकी जयंती पर देश ने उन्हें कोटिशः नमन कर राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को स्मरण किया।
संपादकीय टिप्पणी:
लोकमान्य तिलक का जीवन इस बात का प्रतीक है कि विचारों की शक्ति और जनजागरण से किस प्रकार राष्ट्र का पुनर्निर्माण संभव है। उनकी जयंती हर भारतवासी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी
