यूपी में कानून व्यवस्था बदहाल, भ्रष्टाचार चरम पर – दीपक सिंह
“पूर्व एमएलसी ने यूपी की बदहाल कानून व्यवस्था और निजीकरण पर उठाए सवाल”
इसी सिलसिले में नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करने के लिए पूर्व एमएलसी यहां पहुंचे। उन्होंने कहा कि पिछड़ा, दलित और शोषित वर्ग कांग्रेस पर भरोसा करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में न कानून है, न कानून का राज, न संविधान का पालन हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी अफसर जनता को लूटने में लगे हुए हैं।
पूर्व एमएलसी ने कहा कि गुजरात की कंपनियां उत्तर प्रदेश को खरीद रही हैं। प्रदेश के लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर और मुरादाबाद जैसे चार बड़े जनपदों में बिजली का निजीकरण कर दिया गया है। इससे प्रदेश की जनता को महंगी बिजली का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा के अधिकांश विधायक, सांसद और अधिकारी केवल पैसे कमाने में व्यस्त हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ने सुपारी लेकर एक हजार से अधिक हत्याएं और एनकाउंटर किए हैं। थानों में अपराध के मुकदमे दर्ज नहीं होते हैं, जिसके चलते कई बार भाजपा के विधायक और जनप्रतिनिधियों को भी धरने पर बैठना पड़ा है।
इस मौके पर पूर्व विधायक नदीम जावेद, निवर्तमान जिलाध्यक्ष फैसल हसन तबरेज, विशाल सिंह हुकुम, सत्यवीर सिंह, राकेश सिंह डब्बू समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की मौजूदा समस्याओं और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करना था।
