कोलकाता गोदाम आग हादसा: डीएनए रिपोर्ट के इंतज़ार में टूटते परिवार, सवालों में घिरी मौतों की संख्या
कोलकाता के आनंदपुर इलाके में 26 जनवरी की सुबह हुआ कोलकाता गोदाम आग हादसा अब भी कई सवालों के घेरे में है। हादसे को कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन मृतकों की सही संख्या अब तक सामने नहीं आ पाई है। इस आग ने कई परिवारों की ज़िंदगी को हमेशा के लिए बदल दिया है।
आग सबसे पहले पुष्पांजलि डेकोरेटर्स के गोदाम में लगी और कुछ ही देर में पास स्थित फूड चेन “वाओ! मोमो” के गोदाम तक फैल गई। उस समय कई कर्मचारी अंदर काम कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेज़ थी कि बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका।
पुलिस का कहना है कि कोलकाता गोदाम आग हादसा में पूरे शव नहीं मिले हैं। केवल जले हुए अवशेष बरामद हुए हैं, इसलिए डीएनए जांच की जा रही है। इसी वजह से मौतों की पुष्टि में देरी हो रही है। कई परिजनों ने अपने डीएनए सैंपल दे दिए हैं, लेकिन उन्हें अब तक स्पष्ट जानकारी नहीं मिली।
परिवारों का आरोप है कि प्रशासन यह नहीं बता रहा कि हादसे के वक्त गोदाम में कितने लोग मौजूद थे। इससे उनकी पीड़ा और बढ़ गई है। कुछ लोगों को अपने परिजनों की आख़िरी कॉल आज भी याद है, जिसमें उन्होंने मदद की गुहार लगाई थी।
यह रिपोर्ट vishwashprakash | Amit kumar के लिए तैयार की गई है। यह घटना न केवल एक हादसा है, बल्कि औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. कोलकाता गोदाम आग हादसा कब हुआ?
26 जनवरी की सुबह करीब 3 बजे आनंदपुर इलाके में।
Q2. मृतकों की संख्या अब तक क्यों स्पष्ट नहीं है?
क्योंकि शव पूरी तरह नहीं मिले और डीएनए जांच जारी है।
Q3. क्या किसी की गिरफ्तारी हुई है?
हां, पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।
