जम्मू-कश्मीर में जलविद्युत की अपार संभावनाएं, प्रभावी ढंग से हो उपयोग: केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल
“श्रीनगर में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने की जम्मू-कश्मीर के विद्युत क्षेत्र की समीक्षा“
श्रीनगर – केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल ने गुरुवार को जम्मू एवं कश्मीर के शहरी विकास और बिजली क्षेत्र की समीक्षा बैठक की। इस अवसर पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उनके सलाहकार नासिर असलम वानी भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान प्रदेश में बिजली संबंधी समस्याओं, परियोजनाओं और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
जलविद्युत परियोजनाओं पर विशेष जोर
मनोहर लाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में जलविद्युत की अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें कुशलतापूर्वक उपयोग में लाने की आवश्यकता है। उन्होंने स्थानीय युवाओं के कौशल विकास और क्षमता निर्माण पर बल देते हुए केंद्र सरकार से समन्वय बनाकर काम करने की सलाह दी।
दौरे का उद्देश्य: समाधान और सुधार
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह दौरा प्रदेश की समस्याओं की पहचान, उनके समाधान और नई पहलों के क्रियान्वयन में मददगार साबित होगा। उन्होंने प्रशासन से संसाधन पर्याप्तता योजना के तहत कार्य क्षमता बढ़ाने के लिए योजनाएं तैयार करने को कहा।
स्मार्ट मीटरिंग और RDS Scheme
मंत्री ने केंद्र शासित प्रदेश को RDSSS (Revamped Distribution Sector Scheme) के तहत स्वीकृत कार्यों को तेजी से लागू करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि प्रीपेड स्मार्ट मीटरिंग की शुरुआत सरकारी कार्यालयों से की जानी चाहिए और फिर इसे वाणिज्यिक, औद्योगिक और अन्य उपभोक्ताओं तक विस्तार दिया जाए।
सरकारी बकाया भुगतान और लक्ष्य
- केंद्र शासित प्रदेश को लंबित सरकारी ऋण बकाया का शीघ्र भुगतान करना होगा।
- अगस्त 2025 तक सभी सरकारी भवनों और कॉलोनियों में प्रीपेड मीटर लगाए जाने का लक्ष्य तय किया गया है।
परियोजनाओं का उद्घाटन
बैठक के साथ ही केंद्रीय मंत्री ने प्रदेश में विभिन्न बिजली परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया, जिससे आने वाले समय में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और विश्वसनीयता में सुधार की उम्मीद जताई गई है।
यह समीक्षा बैठक जम्मू-कश्मीर में ऊर्जा क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण और नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
