पिछले 10 वर्षों में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में भारत की प्रगति अभूतपूर्व: जितेंद्र सिंह
“राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस: चंद्रयान-3 की सफलता और भारत की नई उपलब्धियों का जश्न”
देश में आज शनिवार को दूसरा राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मनाया गया, जो चंद्रयान-3 मिशन की ऐतिहासिक सफलता को समर्पित है। इस अवसर पर नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और इसरो चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन मौजूद रहे।
डॉ. जितेंद्र सिंह का संबोधन
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि दो साल पहले भारत दुनिया का पहला देश बना, जिसने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर कदम रखा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि हाल ही में शुभांशु शुक्ला अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पर जाने वाले पहले भारतीय बने हैं, जो देश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि अब भारतीय प्रतिभा को वैश्विक स्तर पर सम्मान मिल रहा है और आने वाले वर्षों में अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत और बड़ी उपलब्धियां हासिल करेगा।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ और विज्ञान की प्रगति
डॉ. जितेंद्र सिंह ने पिछले 10 वर्षों में विज्ञान और प्रौद्योगिकी में भारत की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने भारत की तकनीकी क्षमता को दुनिया के सामने रखा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विज्ञान एवं अंतरिक्ष अनुसंधान में ऐतिहासिक प्रगति की है।
शुभांशु शुक्ला का संदेश
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने कहा कि भारत के पास अब गगनयान, भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन और चंद्रमा पर उतरने जैसे कई महत्वाकांक्षी मिशन हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे इस क्षेत्र में आगे आएं और देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में योगदान दें।
रक्षा मंत्री का संदेश
इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा कि चंद्रयान-3 की उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी और भारत अंतरिक्ष अन्वेषण में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है।