हमीरपुर में गंदे पानी की सप्लाई से जनता परेशान, बीमारियों का बढ़ा खतरा
“बरसात में जल योजनाओं पर मलबे का असर, विभाग ने बताए प्राकृतिक कारण; रेनवाटर हार्वेस्टिंग की अपील“
बरसात के मौसम में कई इलाकों में जल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। मूसलधार बारिश के चलते जल स्रोतों और पाइपलाइन क्षेत्रों में भारी मलबा जमा हो गया है, जिससे पानी की आपूर्ति में रुकावटें उत्पन्न हुई हैं। जल जीवन मिशन से जुड़ी कई ग्रामीण और शहरी योजनाओं पर इसका सीधा असर पड़ा है।
जलशक्ति विभाग ने इन समस्याओं को प्राकृतिक आपदा का परिणाम बताया है। अधिकारियों ने कहा कि लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण जल स्रोतों में गाद भर गई है, पाइपलाइनें क्षतिग्रस्त हुई हैं और कुछ जगहों पर पानी की टंकियां भी मलबे की चपेट में आ गई हैं।
विभाग ने आम जनता से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा है कि बहाली का कार्य युद्धस्तर पर जारी है और जहां संभव हो वहां वैकल्पिक पानी की व्यवस्था की जा रही है।
इस बीच, विभाग ने नागरिकों को रेनवाटर हार्वेस्टिंग यानी वर्षा जल संचयन को अपनाने की सलाह दी है। अधिकारियों ने कहा कि वर्षा जल संरक्षण से न केवल जल संकट से निपटने में मदद मिलती है, बल्कि यह पर्यावरण संतुलन में भी सहायक है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सामूहिक रूप से लोग अपने घरों में वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित करें तो इससे दीर्घकालिक जल संकट को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
विभाग ने शहरी निकायों और ग्राम पंचायतों से भी अपील की है कि वे स्थानीय स्तर पर रेनवाटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य रूप से लागू करें और जनता को इसके लाभों के प्रति जागरूक करें।
