कुल्लू में भारी बारिश से तबाही, 84 सड़कें बंद, बिजली-पानी ठप
“ब्यास नदी में उफान से भुंतर का 100 साल पुराना पैदल पुल बंद, कुल्लू में सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त“
लगातार हो रही बारिश और ब्यास नदी के उफान के चलते कुल्लू जिले के भुंतर में स्थित लगभग 100 वर्ष पुराना लकड़ी का पैदल पुल अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनज़र इसकी नींव को खतरा महसूस करते हुए एहतियातन आवाजाही पर रोक लगा दी है। इसी बीच भूतनाथ पुल के समीप सड़क धंसने की भी सूचना है।
जिले के विभिन्न उपमंडलों में भारी नुकसान हुआ है। बंजार उपमंडल में 30 सड़कें, निरमंड में 28, कुल्लू में 21, और मनाली में 5 सड़कें फिलहाल बंद हैं, जिससे आवागमन और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
जिला उपायुक्त तोरुल एस. रवीश ने जानकारी दी कि प्रभावित क्षेत्रों में सड़क और बिजली आपूर्ति की बहाली युद्धस्तर पर जारी है। पेयजल योजनाएं अधिकांश स्थानों पर सुचारू हैं, जबकि जहाँ पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, वहाँ जल्द ही पुनर्निर्माण कार्य आरंभ किया जाएगा।
मणिकर्ण घाटी में स्थित मलाणा नाले में आई बाढ़ ने पहले से क्षतिग्रस्त मलाणा बांध को और नुकसान पहुंचाया है। बांध की मरम्मत का कार्य चल ही रहा था कि बाढ़ की चपेट में आकर दोबारा संरचना कमजोर हो गई। इसके अलावा, कुछ वाहन बह जाने की भी खबर है और मलाणा, पोहल व बलादी गांवों को जोड़ने वाले तीन लकड़ी के पुल भी नाले की बाढ़ में बह गए हैं।
प्रशासन ने सभी प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्निर्माण कार्य तेज करने के निर्देश जारी किए हैं। ग्रामीण इलाकों में विशेष रूप से बुनियादी सुविधाओं की बहाली और राहत सामग्री की आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं
