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ग्वालियर- बेटियाँ आगे आकर प्रदेश व देश ही नहीं सम्पूर्ण विश्व का गौरव बनें : केन्द्रीय मंत्री श्री सिंधिया

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में महिलाओं का सशक्तिकरण: ज्योतिरादित्य सिंधिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने एक प्रभावी महिला सशक्तिकरण नीति बनाई है, जिसके परिणामस्वरूप महिलाएं हर क्षेत्र में सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुँच रही हैं। महिलाएं जहाँ सुखोई, मिग और मिराज जैसे फाइटर विमानों को उड़ा रही हैं, वहीं वे पूरी मुस्तैदी से देश की सरहद की रक्षा में भी तैनात हैं। ग्वालियर की बेटियों को भी इस अवसर का लाभ उठाते हुए ग्वालियर, मध्यप्रदेश, और देश ही नहीं, सम्पूर्ण विश्व का गौरव बनने का आह्वान केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने किया।

श्री सिंधिया सोमवार को ग्वालियर के शासकीय विजयाराजे कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय मुरार के वार्षिकोत्सव समारोह में छात्राओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने महाविद्यालय के आचार्यों और छात्राओं को वार्षिकोत्सव की शुभकामनाएँ दी और कहा कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में सफलता की मिसाल पेश कर रही हैं।

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने महाविद्यालय की छात्राओं से सीधा संवाद किया और उन्हें सफलता के मंत्र दिए। उन्होंने उनकी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया। इस अवसर पर श्री सिंधिया ने महाविद्यालय में लगभग 8 करोड़ रुपये की लागत से नवनिर्मित ललितकला संकाय भवन, पुस्तकालय भवन, वाणिज्य भवन के पहले तल और विज्ञान भवन के पहले तल का लोकार्पण भी किया।

विजयाराजे कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय के इस कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, भाजपा जिला अध्यक्ष जयप्रकाश राजौरिया, पूर्व मंत्री सुरेश धाकड़, पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल, विनोद शर्मा, अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा के रत्नम और महाविद्यालय की प्राचार्य ज्योति उपाध्याय मंचासीन थे।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जैसे “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ”, “लाड़ली लक्ष्मी”, “लाड़ली बहना” और “सुकन्या समृद्धि योजना”। इसके साथ ही, “ड्रोन दीदी” जैसी योजनाएं भी महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए शुरू की गई हैं। ग्वालियर के एमआईटीएस में ड्रोन प्रशिक्षण कक्षाएं संचालित की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि अमेरिका और यूरोप जैसे विकसित देशों में जहाँ केवल 5 प्रतिशत महिलाएं पायलट हैं, वहीं भारत में 15 प्रतिशत महिला पायलट सफलतापूर्वक विमान उड़ा रही हैं। यह भारत की महिला शक्ति की तेजी से आगे बढ़ने का संकेत है।

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