F&O STT Hike: फ्यूचर एंड ऑप्शन ट्रेडर्स पर पड़ेगा असर
एक अक्टूबर से भारत में फ्यूचर और ऑप्शन (F&O) ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। स्टॉक मार्केट में डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग पर स्टांप ड्यूटी (STT) में वृद्धि की गई है, जिससे निवेशकों की जेब पर दबाव पड़ेगा।
मुख्य बिंदु:
- STT की बढ़ी हुई दरें:
- भारतीय वित्त मंत्रालय ने डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग पर STT को बढ़ाने का निर्णय लिया है।
- यह वृद्धि ट्रेडिंग की लागत को बढ़ा देगी, जिससे निवेशकों को अधिक शुल्क का भुगतान करना होगा।
- प्रभाव:
- फ्यूचर और ऑप्शन के ट्रेडर्स को अधिक STT चुकाना पड़ेगा, जिससे उनकी कुल लागत में वृद्धि होगी।
- यह बदलाव छोटे और मझौले निवेशकों के लिए चुनौती बन सकता है, क्योंकि उन्हें अधिक खर्च का सामना करना पड़ेगा।
- बाजार पर असर:
- एक्सपर्ट्स का मानना है कि STT में वृद्धि का असर मार्केट पर पड़ेगा। इससे ट्रेडिंग वॉल्यूम में कमी आ सकती है, खासकर छोटे निवेशकों के बीच।
- उच्च STT की वजह से कुछ निवेशक डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग से दूर हो सकते हैं, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिल सकता है।
- निवेशकों की चिंताएं:
- कई निवेशकों ने सरकार के इस फैसले की आलोचना की है। उनका मानना है कि इससे भारत में डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग को हतोत्साहित किया जा सकता है।
- ट्रेडर्स ने सुझाव दिया है कि सरकार को स्टॉक मार्केट में निवेश को बढ़ावा देने के लिए STT को कम करना चाहिए।