वित्तमंत्री सीतारमण ने भारतीय अर्थव्यवस्था, सुधारों की बहुत स्पष्ट तस्वीर पेश की है: प्रधानमंत्री
“वित्तमंत्री सीतारमण ने भारतीय अर्थव्यवस्था, सुधारों की बहुत स्पष्ट तस्वीर पेश की है: प्रधानमंत्री“
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत आर्थिक सुधारों और नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था की एक बहुत स्पष्ट और सटीक तस्वीर प्रस्तुत की है। प्रधानमंत्री ने इसे एक संतुलित और दूरदर्शी दृष्टिकोण करार दिया, जो देश के आर्थिक विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सहायक होगा।
आर्थिक सुधारों की मुख्य बातें
वित्त मंत्री ने अपनी प्रस्तुति में भारतीय अर्थव्यवस्था की वर्तमान स्थिति, संरचनात्मक सुधारों और आगामी नीतियों पर जोर दिया। कुछ महत्वपूर्ण बिंदु निम्नलिखित हैं:
- मजबूत आर्थिक बुनियाद – हाल के वर्षों में भारत ने आर्थिक स्थिरता को मजबूत किया है, जिससे निवेश और व्यापार के लिए अनुकूल माहौल बना है।
- सुधारों का प्रभाव – सरकार द्वारा लागू किए गए सुधारों, जैसे कि उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजनाएं (PLI), डिजिटल अर्थव्यवस्था का विस्तार और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, ने विकास दर को सकारात्मक दिशा में बढ़ाया है।
- राजकोषीय नीतियां – संतुलित बजट और वित्तीय अनुशासन को बनाए रखते हुए सरकार ने बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश किया है।
- मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान – इन पहलों से विनिर्माण और निर्यात में वृद्धि हुई है, जिससे भारत वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मक बन रहा है।
- डिजिटल इंडिया और फिनटेक क्रांति – डिजिटल भुगतान, यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) और फिनटेक कंपनियों के विकास ने वित्तीय समावेशन को गति दी है।
प्रधानमंत्री का दृष्टिकोण
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार की रणनीतियों का उद्देश्य न केवल वर्तमान आर्थिक चुनौतियों का समाधान करना है, बल्कि भारत को वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करना भी है। उन्होंने कहा, “वित्त मंत्री सीतारमण ने जो आंकड़े और नीतियां प्रस्तुत की हैं, वे यह दर्शाते हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था न केवल स्थिर है, बल्कि यह तेजी से आगे भी बढ़ रही है।”
आर्थिक विकास के लिए आगे की राह
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार द्वारा लागू किए गए सुधार और नीतिगत पहलें भारतीय अर्थव्यवस्था को अगले कुछ वर्षों में और अधिक सशक्त बनाएंगी। वैश्विक निवेशकों का बढ़ता रुझान और घरेलू उत्पादन में वृद्धि देश की आर्थिक स्थिति को और मजबूत करने में सहायक होगी।
भारत सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में सुधारों को जारी रखने का संकल्प लिया है, जिससे देश की आर्थिक वृद्धि दर को बनाए रखा जा सके और रोजगार सृजन के नए अवसर उपलब्ध हों।
