फास्टैग वार्षिक पास योजना 15 अगस्त से हो चुकी है शुरू
“15 अगस्त से लागू हुई फास्टैग वार्षिक पास योजना, गैर-व्यावसायिक वाहनों को मिलेगी राहत“
केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दरों और संग्रह का निर्धारण) नियम, 2008 में संशोधन कर गैर-व्यावसायिक वाहनों (कार, जीप और वैन) के लिए फास्टैग आधारित वार्षिक पास योजना शुरू की है। यह योजना 15 अगस्त, 2025 से प्रभावी हो गई है।
इस वार्षिक पास के तहत उपयोगकर्ताओं को 3000 रुपये का भुगतान करना होगा। इसके बाद वे एक वर्ष तक या 200 राष्ट्रीय राजमार्ग/एक्सप्रेसवे टोल प्लाजा क्रॉसिंग (जो भी पहले हो) तक बिना अतिरिक्त शुल्क यात्रा कर सकेंगे। बंद उपयोगकर्ता प्रणाली में किसी वाहन का प्रवेश और निकास एक ही क्रॉसिंग माना जाएगा।
सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य गैर-व्यावसायिक वाहन मालिकों पर फास्टैग और टोल शुल्क का बोझ कम करना है। हालांकि यह योजना फिलहाल केवल राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) और राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे (NE) पर लागू होगी। यदि राज्य सरकारें चाहें तो राज्य राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर भी इस तरह की सुविधा लागू करने के लिए केंद्र की ओर से तकनीकी सहयोग दिया जाएगा।
इसके साथ ही, मंत्रालय ने 1 जुलाई, 2025 की अधिसूचना संख्या जीएसआर 437 (ई) के तहत टोल दरों की गणना पद्धति को युक्तिसंगत बनाया है। नई व्यवस्था के तहत सड़क खंड की लंबाई का निर्धारण संरचनाओं (जैसे पुल और सुरंग) की वास्तविक लंबाई को छोड़कर किया जाएगा, और उनकी लंबाई को एक निर्धारित गणना पद्धति के अनुसार जोड़ा जाएगा।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी साझा की।
