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मेरठ से शुरू की गई साइक्लोथोन रैली फतेहपुर पहुंची

प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की स्मृति में यूपी एनसीसी का ‘संग्राम 1857’ साइक्लोथोन दल फतेहपुर पहुंचा

1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों और देशभक्तों के बलिदान को श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश एनसीसी का 15 सदस्यीय साइक्लोथोन दल ‘संग्राम 1857: समर से समृद्धि की ओर’ साइकिल यात्रा पर निकला है। यह यात्रा एक जनवरी 2025 को मेरठ से शुरू हुई और आज फतेहपुर पहुंची। फतेहपुर के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में 60 यूपी बटालियन एनसीसी के कैडेट्स ने साइक्लोथोन दल का भव्य स्वागत किया।

यह साइक्लोथोन रैली आगरा एनसीसी समूह के ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर एनएस चरग के नेतृत्व में निकाली जा रही है। यात्रा में इंडियन एयरफोर्स के एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह और उत्तर प्रदेश एनसीसी निदेशालय की पांच बालिका कैडेट्स सहित 15 एनसीसी कैडेट्स शामिल हैं। एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह ने प्रयागराज से फतेहपुर तक लगभग 120 किलोमीटर की साइकिल यात्रा की। रैली के दौरान उन्होंने लोगों को 1857 की क्रांति की कहानियों से परिचित कराते हुए देशभक्ति और एकता का संदेश दिया।

साइक्लोथोन का उद्देश्य
‘संग्राम 1857’ अभियान का उद्देश्य अमृत काल में राष्ट्र निर्माण में लोगों को प्रेरित करना है। एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह ने कहा, “यह यात्रा हमें 1857 के शहीदों की कुर्बानियों की याद दिलाती है ताकि हम अपने इतिहास को न भूलें और उनसे सीख लें। देशभक्तों ने जिस प्रकार अपने प्राणों की आहुति दी, वह आज भी हमें प्रेरित करता है।”

फतेहपुर में भी 1857 के संग्राम के दौरान 52 क्रांतिकारियों को एक साथ फांसी दी गई थी। एयर चीफ मार्शल ने बताया कि हर शहर और गांव की अपनी क्रांति की कहानियां हैं जिन्हें लोगों तक पहुंचाना जरूरी है ताकि युवा पीढ़ी अपने इतिहास को न भूले।

रैली की यात्रा और मार्ग
यह साइकिल रैली मेरठ से शुरू होकर मुरादाबाद, बरेली, हरदोई, प्रयागराज होते हुए फतेहपुर पहुंची। रैली प्रतिदिन 110 से 115 किलोमीटर का सफर तय कर रही है। फतेहपुर में रात्रि विश्राम के बाद यह दल कानपुर के लिए रवाना होगा। रैली झांसी, ग्वालियर, मथुरा और 1857 के अन्य प्रमुख युद्धस्थलों से होते हुए दिल्ली पहुंचेगी। वहां प्रधानमंत्री द्वारा झंडी दिखाकर इस यात्रा का समापन किया जाएगा।

युवाओं को इतिहास से जोड़ने की पहल
रैली में शामिल एनसीसी की सीनियर अंडर ऑफिसर तान्या ने बताया, “हमारी रैली का नाम ‘संग्राम 1857: समर से समृद्धि की ओर’ है। इसका उद्देश्य है लोगों को 1857 के संघर्ष और बलिदान की याद दिलाना ताकि वे देश को एकजुट रखने और जाति, धर्म व रंगभेद से ऊपर उठकर भारत को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दें।”

यह साइक्लोथोन रैली देशभक्तों की गाथाओं को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बन रही है और युवाओं को प्रेरित कर रही है कि वे इतिहास से सबक लें और देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं।

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