सात साल बाद जम्मू-कश्मीर विधानसभा का बजट सत्र शुरू
“जम्मू-कश्मीर में उमर अब्दुल्ला सरकार का पहला बजट सत्र आयोजित“
जम्मू, 03 मार्च: जम्मू-कश्मीर में उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद पहला बजट सत्र आयोजित किया गया। यह सत्र सात वर्षों के लंबे अंतराल के बाद हो रहा है और इसकी शुरुआत उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के अभिभाषण से हुई।
बजट सत्र में राज्य की आर्थिक नीतियों, विकास योजनाओं और सामाजिक कल्याण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। उपराज्यपाल ने अपने अभिभाषण में सरकार की प्राथमिकताओं, नीतिगत फैसलों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रशासन राज्य के आर्थिक विकास, आधारभूत ढांचे के विस्तार और सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
सत्र के दौरान विभिन्न विधायकों ने जम्मू-कश्मीर के विकास और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे। उमर अब्दुल्ला की सरकार ने बजट सत्र को एक महत्वपूर्ण अवसर बताया, जिससे राज्य में विकास की नई गति देने की उम्मीद जताई जा रही है।
सरकार की ओर से इस सत्र में विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं के लिए वित्तीय आवंटन को लेकर महत्वपूर्ण घोषणाएं किए जाने की संभावना है। साथ ही, राज्य में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी।
यह बजट सत्र राज्य के भविष्य को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, और इससे जम्मू-कश्मीर के नागरिकों को विकास और स्थिरता की नई उम्मीदें मिली हैं।
