दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण लोगों के स्वास्थ्य और दैनिक जीवन के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है। सर्दियों की शुरुआत के साथ हवा की गुणवत्ता खराब होने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद के निवासियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
विशेषज्ञों के अनुसार, प्रदूषित हवा में मौजूद PM2.5 और PM10 जैसे सूक्ष्म कण सांस संबंधी समस्याएं बढ़ा सकते हैं। इससे आंखों में जलन, खांसी, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी हो सकती है।
दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण के दौरान AQI पर रखें नजर
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) हवा की गुणवत्ता मापने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
AQI 201 से 300 के बीच होने पर हवा खराब श्रेणी में आती है। वहीं, 301 से 400 के बीच इसे बहुत खराब माना जाता है। ऐसे समय में बाहरी गतिविधियां सीमित करना बेहतर है।
बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी
बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों को प्रदूषित वातावरण में अधिक परेशानी हो सकती है।
इसलिए बाहर निकलने से पहले स्थानीय AQI जरूर जांचें।
अधिक प्रदूषण होने पर सुबह की सैर और खुले मैदान में व्यायाम करने से बचें।
जरूरत पड़ने पर अच्छी फिटिंग वाला N95 मास्क इस्तेमाल करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: दिल्ली-NCR का AQI कहां देखें?
उत्तर: CPCB के आधिकारिक पोर्टल पर वायु गुणवत्ता की जानकारी देख सकते हैं।
प्रश्न 2: प्रदूषण से बचने के लिए क्या करें?
उत्तर: खराब AQI में बाहरी गतिविधियां कम करें और घर के अंदर की हवा साफ रखें।

