नई दिल्ली, 22 अक्टूबर 2026। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश को नशीले पदार्थों की समस्या से मुक्त बनाने के लिए 31 दिसंबर 2029 तक का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर कहा कि नशामुक्त भारत अभियान को सफल बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर काम करना होगा।
नशामुक्त भारत अभियान में युवाओं की सुरक्षा पर जोर
अमित शाह ने कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी युवाओं के भविष्य और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है। सरकार ड्रग्स की आपूर्ति रोकने के साथ नशे की मांग कम करने पर भी ध्यान दे रही है।
इसके लिए पुलिस, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने की योजना है। साथ ही स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संगठनों के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
ड्रग्स तस्करी रोकने के लिए सरकार का रोडमैप
केंद्र सरकार ने वर्ष 2026 से 2029 तक की कार्ययोजना तैयार की है।
इसमें तस्करी नेटवर्क पर कार्रवाई, सिंथेटिक ड्रग्स की निगरानी और नशा मुक्ति केंद्रों की सुविधाएं बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है।
सरकार का उद्देश्य नशे की लत से प्रभावित लोगों को उपचार और पुनर्वास उपलब्ध कराना भी है।
हालांकि, 2029 तक निर्धारित लक्ष्य हासिल करने के लिए राज्यों की सक्रिय भागीदारी जरूरी होगी।
अभियान की वास्तविक सफलता का आकलन नशे के मामलों में कमी और उपचार सेवाओं की उपलब्धता से किया जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: नशामुक्त भारत अभियान का लक्ष्य क्या है?
उत्तर: देश में नशीले पदार्थों की तस्करी और सेवन को रोकना तथा प्रभावित लोगों को उपचार उपलब्ध कराना।
प्रश्न 2: भारत को कब तक नशामुक्त बनाने का लक्ष्य है?
उत्तर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 31 दिसंबर 2029 तक का लक्ष्य रखा है।

