दिल्ली-NCR में GRAP-1 लागू होने के बाद प्रदूषण नियंत्रण को लेकर प्रशासन की सक्रियता बढ़ गई है। रिपोर्ट के अनुसार, 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 244 दर्ज किया गया। यह ‘खराब’ श्रेणी में आता है। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के पहले चरण की पाबंदियां लागू की गई हैं।
दिल्ली-NCR में GRAP-1 लागू, क्या हैं प्रमुख नियम?
GRAP के पहले चरण में सड़क की धूल, निर्माण गतिविधियों और वाहनों से निकलने वाले धुएं पर विशेष निगरानी रखी जाती है। निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के नियमों का पालन जरूरी है। इसके अलावा, खुले में कचरा जलाने पर कार्रवाई की जा सकती है।
संबंधित एजेंसियां सड़कों की मशीनों से सफाई और पानी के छिड़काव जैसे उपाय भी करती हैं।
बढ़ते प्रदूषण से स्वास्थ्य पर खतरा
सर्दियों की शुरुआत के साथ दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण बढ़ने की आशंका रहती है।
खराब हवा बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए परेशानी पैदा कर सकती है।
विशेषज्ञों की सामान्य सलाह है कि प्रदूषण अधिक होने पर बाहर भारी व्यायाम से बचें।
साथ ही, नागरिक नियमित रूप से AQI की जानकारी लेते रहें।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1: GRAP-1 कब लागू होता है?
उत्तर: सामान्यतः दिल्ली का AQI 201 से 300 की खराब श्रेणी में पहुंचने पर पहला चरण लागू किया जाता है।
प्रश्न 2: क्या GRAP-1 में निर्माण कार्य बंद होंगे?
उत्तर: पहले चरण में सभी निर्माण कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं होता। हालांकि, धूल नियंत्रण के नियमों का पालन अनिवार्य है।

