बच्चों के खाने में चीनी पर नियंत्रण की तैयारी, FSSAI के नए प्रस्ताव पर चर्चा तेज

बच्चों के खाने में चीनी की मात्रा और FSSAI के प्रस्तावित खाद्य सुरक्षा नियमबच्चों के खाद्य पदार्थों में चीनी संबंधी नियमों में बदलाव का प्रस्ताव चर्चा में है।

नई दिल्ली, 18 अक्टूबर 2026। बच्चों के खाने में चीनी की मात्रा को नियंत्रित करने के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के नियमों में संभावित बदलाव चर्चा में हैं। इस प्रस्ताव का उद्देश्य बच्चों के लिए उपलब्ध खाद्य पदार्थों की पोषण गुणवत्ता बेहतर बनाना और अतिरिक्त चीनी के सेवन को लेकर जागरूकता बढ़ाना है।

हालांकि, यह अभी प्रस्ताव से जुड़ी चर्चा है। इसे लागू प्रतिबंध या अंतिम सरकारी आदेश नहीं माना जाना चाहिए।

बच्चों के खाने में चीनी पर नियंत्रण क्यों जरूरी?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, अधिक मात्रा में अतिरिक्त चीनी का नियमित सेवन बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। इससे दांतों में सड़न, अतिरिक्त कैलोरी सेवन और वजन बढ़ने का जोखिम हो सकता है।

आज बाजार में बच्चों के लिए बिस्कुट, चॉकलेट, फ्लेवर्ड मिल्क और पैकेज्ड स्नैक्स उपलब्ध हैं। इनमें चीनी की मात्रा अलग-अलग हो सकती है।

इसलिए अभिभावकों को खाद्य उत्पाद खरीदते समय पोषण संबंधी लेबल जरूर पढ़ना चाहिए।

FSSAI के प्रस्ताव से क्या बदल सकता है?

संभावित नियमों में अतिरिक्त चीनी की मात्रा, पोषण संबंधी जानकारी और खाद्य उत्पादों की लेबलिंग जैसे विषय महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

हालांकि, आधिकारिक मसौदे की पुष्टि के बिना किसी निश्चित सीमा या प्रतिबंध की घोषणा करना उचित नहीं होगा।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न 1: क्या बच्चों के खाने में चीनी पर प्रतिबंध लग गया है?

उत्तर: नहीं। प्रस्ताव को अंतिम और लागू प्रतिबंध नहीं माना जाना चाहिए।

प्रश्न 2: FSSAI क्या है?

उत्तर: यह भारत में खाद्य सुरक्षा और मानकों की निगरानी करने वाला नियामक प्राधिकरण है।

प्रश्न 3: अभिभावकों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?

उत्तर: पैकेज्ड फूड का लेबल पढ़ें और अतिरिक्त चीनी वाले उत्पाद सीमित मात्रा में दें।

DEVIDAS | VISHWAS PRAKASH

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *