वॉशिंगटन। अमेरिका और रूस के बीच ऊर्जा कारोबार को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत के बाद तीन लाख मीट्रिक टन से अधिक डीजल की तत्काल आपूर्ति की घोषणा की है। अमेरिका रूस डीजल समझौता ऐसे समय हुआ है, जब अमेरिका में ईंधन की बढ़ती कीमतों से आम जनता और परिवहन क्षेत्र पर दबाव बढ़ रहा है।
ट्रंप-पुतिन की बातचीत में क्या तय हुआ?
ट्रंप ने 9 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर बताया कि रूस अमेरिकी और वैश्विक बाजारों में डीजल उपलब्ध कराएगा। इसके अलावा नवंबर में पांच लाख मीट्रिक टन और उसके बाद दस लाख मीट्रिक टन डीजल की अतिरिक्त आपूर्ति की योजना है।
ट्रंप ने आगे 30 लाख मीट्रिक टन की संभावित आपूर्ति का भी जिक्र किया। हालांकि, यह रूस की रिफाइनरियों की स्थिति पर निर्भर करेगी।
अमेरिका रूस डीजल समझौता और प्रतिबंधों में राहत
अमेरिकी वित्त विभाग ने रूसी डीजल से संबंधित कुछ व्यापारिक प्रतिबंधों में अस्थायी छूट दी है। यह अनुमति 7 अप्रैल 2027 तक प्रभावी रहेगी।
वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इस फैसले की आलोचना की है।
उनका कहना है कि ऊर्जा कारोबार से रूस को अतिरिक्त आर्थिक लाभ मिल सकता है।
क्या डीजल की कीमतें घटेंगी?
इस घोषणा के बाद अमेरिकी डीजल वायदा कीमतों में गिरावट देखी गई।
हालांकि, ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि अतिरिक्त आपूर्ति से कीमतों में स्थायी कमी की गारंटी नहीं है।
अमेरिका रूस डीजल समझौता अब वैश्विक ऊर्जा बाजार और अमेरिका की विदेश नीति के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम बन गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न: रूस कितना डीजल उपलब्ध कराएगा?
उत्तर: शुरुआती घोषणा तीन लाख मीट्रिक टन से अधिक डीजल की है।
प्रश्न: क्या अमेरिका में डीजल सस्ता होगा?
उत्तर: कीमतों में राहत संभव है, लेकिन स्थायी गिरावट निश्चित नहीं है।

