UPI MDR नियम 2026 को लेकर केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है। वित्त मंत्रालय के मुताबिक, UPI से जुड़े नीतिगत फैसले भारत स्वतंत्र रूप से लेता है। मंत्रालय ने MDR में बदलाव को विदेशी प्रभाव से जोड़ने वाले दावों को खारिज किया है।
सरकार का कहना है कि उसका लक्ष्य देश में आत्मनिर्भर, सुरक्षित, समावेशी और कम लागत वाला डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम बनाए रखना है। UPI की शुरुआत 2016 में हुई थी और आज इसका इस्तेमाल करोड़ों लोग रोजमर्रा के भुगतान के लिए करते हैं।
UPI MDR नियम 2026 में किसे मिलेगी राहत?
सरकार के अनुसार, करीब 96 प्रतिशत merchant transactions MDR के दायरे से बाहर रहेंगे। व्यक्ति से व्यक्ति यानी P2P UPI ट्रांजेक्शन पर भी MDR नहीं लगेगा। इसका मतलब है कि दोस्तों या परिवार के सदस्यों को UPI से पैसे भेजना मुफ्त रहेगा।
इसके अलावा ₹2,000 तक के पात्र merchant payments को भी MDR से बाहर रखा गया है। हालांकि, निर्धारित श्रेणी के अधिक मूल्य वाले merchant transactions पर MDR लागू हो सकता है।
सरकार का तर्क है कि इस व्यवस्था से छोटे व्यापारियों और आम ग्राहकों पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।
साथ ही डिजिटल पेमेंट सिस्टम की साइबर सुरक्षा, तकनीकी ढांचे और नवाचार को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
अगस्त 2026 में UPI के जरिए करीब 24.5 अरब ट्रांजेक्शन प्रोसेस होने की जानकारी दी गई है।
FAQ
क्या आम ग्राहक को UPI इस्तेमाल करने पर चार्ज देना होगा?
P2P UPI भुगतान पर MDR नहीं लगेगा।
क्या सभी दुकानदारों के UPI भुगतान पर MDR लगेगा?
नहीं। सरकार के अनुसार करीब 96 प्रतिशत merchant transactions MDR से बाहर रहेंगे।
क्या MDR बदलाव विदेशी दबाव में हुआ है?
वित्त मंत्रालय ने ऐसे दावों को खारिज किया है।

