भारत के बहुप्रतीक्षित NSE IPO से पहले बड़ा अपडेट सामने आया है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के कुछ प्रमुख शेयरधारकों ने IPO में बेचे जाने वाले शेयरों की संख्या घटाने का फैसला किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, निवेशकों को उम्मीद है कि NSE की लिस्टिंग के बाद शेयरों को बेहतर वैल्यूएशन मिल सकता है।
NSE IPO का प्राइस बैंड
NSE IPO पूरी तरह Offer for Sale यानी OFS होगा। इसमें कंपनी नई पूंजी नहीं जुटाएगी। मौजूदा शेयरधारक अपने शेयर बेचेंगे। संभावित प्राइस बैंड 1,700 से 1,785 रुपये प्रति शेयर बताया गया है। ऊपरी स्तर पर IPO का आकार करीब 22,600 करोड़ रुपये हो सकता है।
सूत्रों के अनुसार, National Insurance Company of India, General Insurance Corporation, Stock Holding Corporation, MS Strategic (Mauritius) और Mahogany Ltd जैसे शेयरधारकों ने प्रस्तावित बिक्री घटाई है। Bank of Baroda और Indian Bank ने भी अपनी शेयर बिक्री कम की है।
NSE IPO में क्यों घटाई हिस्सेदारी बिक्री?
पहले NSE की कुल इक्विटी का करीब 6% हिस्सा बेचने की योजना थी। अब इसे लगभग 5.2% किया जा सकता है। शेयरों की संख्या भी करीब 149 मिलियन से घटकर 126 मिलियन रह सकती है।
इसकी प्रमुख वजह अपेक्षा से कम संभावित प्राइस बैंड बताई जा रही है। अनलिस्टेड मार्केट में NSE के शेयर हाल के सौदों में लगभग 2,000 से 2,100 रुपये के स्तर पर बताए गए हैं। वहीं, ऑप्शंस ट्रेडिंग पर सख्त नियम और ट्रेडिंग वॉल्यूम में गिरावट भी NSE की वैल्यूएशन पर दबाव डाल रही है।
FAQ
NSE IPO का संभावित प्राइस बैंड क्या है?
यह 1,700 से 1,785 रुपये प्रति शेयर रहने की संभावना है।
NSE IPO में नए शेयर जारी होंगे?
नहीं। यह पूरी तरह Offer for Sale आधारित IPO होगा |

