दुनिया के ऊर्जा बाजार में जारी बदलाव के बीच वैश्विक कोयला मांग 2026 में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के Coal Mid-Year Update 2026 के अनुसार, प्राकृतिक गैस की ऊंची कीमतों ने कई देशों को बिजली उत्पादन के लिए कोयले का अधिक इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया है। IEA का अनुमान है कि 2026 में वैश्विक कोयला खपत 1.2 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 8.94 अरब टन तक पहुंच सकती है। पहले मांग में मामूली गिरावट की उम्मीद थी। हालांकि, मध्य पूर्व में जारी संघर्ष और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से LNG आपूर्ति प्रभावित होने के बाद ऊर्जा बाजार की स्थिति बदल गई।
एशिया में वैश्विक कोयला मांग 2026 पर असर
यूरोप, जापान, दक्षिण कोरिया और चीन में कोयले का इस्तेमाल पहले के अनुमान से अधिक रहने की संभावना है। चीन में महंगे तेल के कारण रासायनिक उत्पादों के निर्माण में भी कोयले की खपत बढ़ी है। वहीं, मजबूत El Niño भारत और वियतनाम जैसे देशों में बिजली की मांग बढ़ा सकता है। ज्यादा गर्मी से कूलिंग की जरूरत बढ़ने और जलविद्युत उत्पादन घटने की स्थिति में कोयले की आवश्यकता बढ़ सकती है। IEA के अनुसार, 2027 का आउटलुक काफी हद तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से LNG आपूर्ति पर निर्भर करेगा। यदि LNG शिपमेंट सामान्य होते हैं और गैस की कीमतें घटती हैं, तो कोयले की मांग कम हो सकती है। इसके विपरीत, आपूर्ति बाधित रहने पर मांग और बढ़ सकती है।
FAQ
2026 में वैश्विक कोयला खपत कितनी हो सकती है?
IEA के अनुसार यह रिकॉर्ड 8.94 अरब टन तक पहुंच सकती है।
कोयले की मांग क्यों बढ़ रही है?
प्राकृतिक गैस की ऊंची कीमतें और LNG आपूर्ति में बाधा इसके प्रमुख कारण हैं।

