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दिल्ली के कुतुब मीनार परिसर में स्थित कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद एक बार फिर चर्चा में है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने हालिया विवाद के बाद यहां सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है। मस्जिद परिसर में मौजूद देवी-देवताओं की मूर्तियों को लेकर बढ़ती बहस के बीच एएसआई ने अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की है। अब माता पार्वती और गणेश जी की मूर्तियों के पास विशेष निगरानी रखी जा रही है।
एएसआई अधिकारियों के मुताबिक, कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद सुरक्षा को मजबूत करने का उद्देश्य किसी भी संभावित विवाद या कानून-व्यवस्था की स्थिति से बचना है। विभाग ने साफ किया है कि संरक्षित स्मारक परिसर में किसी नई धार्मिक परंपरा की अनुमति नहीं दी जाएगी। बुधवार को एएसआई अधिकारियों ने पूरे परिसर का निरीक्षण भी किया और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की। बताया जा रहा है कि कुछ संगठनों की गतिविधियों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। फिलहाल पर्यटकों की आवाजाही पर नजर रखी जा रही है और सुरक्षा कर्मियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। कुतुब मीनार परिसर देश के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों में शामिल है, इसलिए प्रशासन किसी भी विवाद को गंभीरता से ले रहा है।
FAQ
Q1. कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद में सुरक्षा क्यों बढ़ाई गई?
मूर्तियों को लेकर विवाद और संभावित विरोध-प्रदर्शन की आशंका के कारण एएसआई ने सुरक्षा बढ़ाई है।
Q2. एएसआई ने क्या कदम उठाए हैं?
परिसर में अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं और पर्यटकों की निगरानी बढ़ाई गई है।
Q3. क्या कुतुब परिसर में धार्मिक गतिविधियों की अनुमति है?
एएसआई के अनुसार संरक्षित स्मारक परिसर में नई धार्मिक गतिविधियों की अनुमति नहीं है।