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केंद्र सरकार ने National Council of Educational Research and Training (NCERT) को NCERT डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा देकर शिक्षा क्षेत्र में बड़ा बदलाव किया है। इस फैसले के बाद अब NCERT सिर्फ स्कूल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उच्च शिक्षा में भी अहम भूमिका निभाएगा।
NCERT डीम्ड यूनिवर्सिटी बनने का मतलब है कि संस्था अब अपने स्तर पर एडमिशन प्रक्रिया तय कर सकती है। इसके साथ ही NCERT अपना सिलेबस खुद डिजाइन करेगा और परीक्षाएं भी आयोजित करेगा। सबसे खास बात यह है कि अब NCERT छात्रों को डिग्री भी दे सकेगा।
इस फैसले के तहत NCERT के छह प्रमुख संस्थानों को शामिल किया गया है। इनमें अजमेर, भोपाल, भुवनेश्वर, मैसूर और शिलांग के रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन के साथ भोपाल का सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ वोकेशनल एजुकेशन शामिल है।
यह कदम शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और शोध को बढ़ावा देने में मदद करेगा। साथ ही, छात्रों को नए कोर्स और बेहतर अवसर मिलेंगे। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव भविष्य की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करेगा।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. NCERT डीम्ड यूनिवर्सिटी क्या है?
NCERT को यूनिवर्सिटी जैसी स्वायत्तता मिल गई है, जिससे वह खुद कोर्स और डिग्री दे सकता है।
Q2. इससे छात्रों को क्या फायदा होगा?
छात्रों को नए कोर्स, बेहतर रिसर्च अवसर और आधुनिक शिक्षा मिलेगी।
Q3. क्या NCERT अब डिग्री देगा?
हाँ, NCERT डीम्ड यूनिवर्सिटी बनने के बाद डिग्री प्रदान कर सकता है।