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क्रेडिट रिपोर्ट में SMA का मतलब क्या है? यह सिग्नल नजरअंदाज किया तो महंगा पड़ सकता है लोन

आज के समय में क्रेडिट स्कोर आपकी फाइनेंशियल पहचान बन चुका है। लोन हो या क्रेडिट कार्ड, हर जगह इसी स्कोर पर भरोसा किया जाता है। ऐसे में अगर आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में SMA लिखा आ जाए, तो इसे हल्के में लेना भारी पड़ सकता है।

SMA यानी Special Mention Account। यह बैंक की ओर से दिया गया एक अर्ली वार्निंग सिग्नल होता है। जब आप समय पर EMI या क्रेडिट कार्ड का बिल नहीं चुकाते, तो बैंक पहले ही सतर्क हो जाते हैं। उसी सतर्कता का नाम है क्रेडिट रिपोर्ट में SMA।

यह संकेत बताता है कि आपका अकाउंट डिफॉल्ट की दिशा में जा सकता है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि आप डिफॉल्टर बन चुके हैं। लेकिन अगर समय रहते भुगतान नहीं किया गया, तो आगे चलकर लोन महंगा हो सकता है या रिजेक्ट भी हो सकता है।

क्रेडिट रिपोर्ट में SMA का सीधा असर क्रेडिट स्कोर पर पड़ता है। स्कोर गिरते ही बैंक आपको जोखिम भरा ग्राहक मानने लगते हैं। इसका नतीजा ज्यादा ब्याज दर या कम क्रेडिट लिमिट के रूप में सामने आता है।

vishwashprakash | Amit kumar के अनुसार, SMA को नजरअंदाज करना फाइनेंशियल सेहत के लिए नुकसानदेह है। सही समय पर भुगतान और खर्च पर नियंत्रण रखकर इस स्थिति से बचा जा सकता है।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1. क्रेडिट रिपोर्ट में SMA दिखे तो क्या करें?
सबसे पहले बकाया भुगतान तुरंत करें और अकाउंट नियमित रखें।

Q2. क्या SMA से क्रेडिट स्कोर खराब होता है?
हां, SMA लगते ही क्रेडिट स्कोर पर नकारात्मक असर पड़ता है।

Q3. क्या SMA हट सकता है?
नियमित भुगतान करने पर समय के साथ SMA हट सकता है।

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