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विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने जर्मन समकक्ष के साथ द्विपक्षीय सहयोग के नए आयामों पर दिया जोर 

“भारत-जर्मनी संबंध: बहुपक्षीय सहयोग और रणनीतिक साझेदारी”

भारत और जर्मनी के बीच लंबे समय से चला आ रहा बहुपक्षीय सहयोग नए दौर में प्रवेश कर रहा है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और उनके जर्मन समकक्ष जोहान वाडेफुल की मुलाकात ने इस संबंध को और गहरा करने का अवसर प्रदान किया है।


1. बहुपक्षीय सहयोग पर जोर

  • डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत-जर्मनी संबंध ऐतिहासिक रूप से मजबूत रहे हैं।
  • उन्होंने उम्मीद जताई कि इस वार्ता से द्विपक्षीय सहयोग के नए आयाम खुलेंगे।
  • वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर जर्मनी की दृष्टि को जानना भारत के लिए महत्वपूर्ण बताया।

2. मुक्त व्यापार समझौता (FTA) पर चर्चा

  • भारत ने यूरोपीय संघ (EU) के साथ FTA वार्ता में तेजी लाने के लिए जर्मनी का सहयोग मांगा।
  • जर्मनी ने भी इस दिशा में सकारात्मक रुख दिखाया।

3. ऐतिहासिक सहयोग की झलक

  • 25 वर्ष – रणनीतिक साझेदारी
  • 50 वर्ष – वैज्ञानिक सहयोग
  • 60 वर्ष – सांस्कृतिक समझौते
  • 100 वर्ष से अधिक – व्यावसायिक संबंध

4. जर्मन विदेश मंत्री का दौरा

  • जोहान वाडेफुल का भारत में विदेश मंत्री के रूप में यह पहला दौरा है।
  • दिल्ली और बेंगलुरु में उनकी मुलाकातें भारत-जर्मनी साझेदारी को मजबूती देंगी।
  • उन्होंने भारत को हिंद-प्रशांत में “प्रमुख साझेदार” बताया।

5. रणनीतिक महत्व

  • जर्मन विदेश मंत्री ने कहा कि भारत की आवाज हिंद-प्रशांत से भी आगे वैश्विक स्तर पर सुनी जाती है।
  • दोनों देशों के बीच सुरक्षा, नवाचार, तकनीक और कुशल श्रमिकों की भर्ती जैसे क्षेत्रों में गहरा सहयोग संभव है।
  • भारत और जर्मनी को उन्होंने “स्वाभाविक साझेदार” बताया।
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