आयुष्मान आरोग्य मंदिर और एनएचएम के तहत 10.18 करोड़ महिलाओं की गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की हुई स्क्रीनिंग
“10 करोड़ से अधिक महिलाओं की सर्वाइकल कैंसर जांच: स्वास्थ्य मंत्रालय की बड़ी उपलब्धि”
भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने महिलाओं के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पूरे देश में 30 वर्ष और उससे अधिक आयु की 10.18 करोड़ से अधिक महिलाओं की गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर की जांच की जा चुकी है।
यह उपलब्धि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत आयुष्मान आरोग्य मंदिरों (AAMs) के माध्यम से चलाई जा रही जनसंख्या-आधारित गैर-संचारी रोग (NCD) कार्यक्रम के अंतर्गत संभव हुई है। यह पहल 30 से 65 वर्ष की महिलाओं को लक्षित करती है।
जांच की विधि और प्रक्रिया
महिलाओं की स्क्रीनिंग मुख्य रूप से एसिटिक एसिड से दृश्य निरीक्षण (VIA) पद्धति से की जाती है। यह प्रक्रिया प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा सब-हेल्थ सेंटर और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर की जाती है। जिन महिलाओं की रिपोर्ट VIA-पॉजिटिव आती है, उन्हें आगे विशेषज्ञ जांच और इलाज के लिए उच्च स्तर के केंद्रों पर भेजा जाता है।
विशेष अभियान का योगदान
इस सफलता में 20 फरवरी से 31 मार्च 2025 तक चलाए गए समयबद्ध एनसीडी स्क्रीनिंग अभियान का भी विशेष योगदान रहा, जिससे देशभर में 30 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों की जांच में तेजी आई।
संसद में जानकारी
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने यह जानकारी लोकसभा में एक लिखित उत्तर के माध्यम से दी। उन्होंने बताया कि यह पहल महिलाओं में कैंसर जैसे गंभीर रोगों की पहचान और रोकथाम के लिए सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
