राज्य में लगातार हो रहे हाथियों के मौत पर विधायक सह पर्यावरणविद् सरयू राय ने जताई चिंता
“राज्य में हाथियों की हो रही मौत पर सरयू राय ने जताई गहरी चिंता, रिहैबिलिटेशन सेंटर की मांग”
जमशेदपुर पश्चिम से विधायक एवं पर्यावरणविद् सरयू राय ने झारखंड में लगातार हो रही हाथियों की मौत पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि हाल ही में झाड़ग्राम जिले के बसंतपुर स्टेशन के पास तीन हाथियों की मौत हो गई, जबकि इससे पहले मुसाबनी में बिजली करंट लगने से पांच हाथी मारे गए थे। सारंडा क्षेत्र में भी दो हाथियों की मौत हो चुकी है।
सरयू राय ने कहा कि भोजन और सुरक्षित आश्रय की कमी के कारण हाथी आबादी वाले क्षेत्रों की ओर बढ़ते हैं, जिससे उनकी जान को खतरा होता है। उन्होंने यह भी बताया कि झारखंड में अब तक एक भी वन्य जीव रिहैबिलिटेशन सेंटर स्थापित नहीं किया गया है, जबकि अन्य राज्यों में इस प्रकार के केंद्र मौजूद हैं।
विधायक ने राज्य सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हाल ही में गठित राज्य वन्य जीव बोर्ड में एक भी विशेषज्ञ शामिल नहीं है, जो बेहद आश्चर्यजनक है। उन्होंने मुसाबनी की घटना का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां हाथियों की मौत के बाद वह दिल्ली तक इस मुद्दे को लेकर गए, लेकिन राज्य का वन विभाग निष्क्रिय बना रहा।
सरयू राय ने बताया कि जमशेदपुर के डीएफओ चार-चार पदों का एक साथ प्रभार संभाल रहे हैं, और वन्य कर्मियों की भारी कमी है। उन्होंने राज्य सरकार को लापरवाह बताते हुए हाथियों की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर त्वरित कदम उठाने की मांग की है।
बाइट: सरयू राय, विधायक एवं पर्यावरणविद्
“झारखंड में वन्य जीवों के संरक्षण के लिए न तो रिहैबिलिटेशन सेंटर है और न ही विशेषज्ञों की नियुक्ति की गई है। यह सरकार की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।”
